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Lucknow: फोड़े के ऑपरेशन के बाद बच्चे की मौत मामले में अस्पताल दोषी, परिजनों ने किया था हंगामा; संचालक फरार

Mon, 06 Apr 2026 05:43 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 06 Apr 2026 05:43 PM IST
सार

लखनऊ में दो साइबर जालसाजों ने कारोबारी को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 91.30 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने 17 बार विभिन्न खातों में पैसा जमा किया। मुनाफा निकालने पर अकाउंट बंद कर दिया गया। साइबर क्राइम पुलिस ने ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की।

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Lucknow Hospital held liable death following boil surgery; family creates uproar; administrator a
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दुबग्गा स्थित न्यू वेदांता हॉस्पिटल में फोड़े के ऑपरेशन के बाद बच्चे की मौत मामले में जांच कमेटी ने अस्पताल को दोषी ठहराया है। आरोप है कई नोटिस के बाद भी अस्पताल की ओर से अपना बयान दर्ज नहीं कराया गया था। कमेटी ने परिजनों के जरिये दिए गए साक्ष्य के आधार पर अस्पताल को दोषी ठहराया है। नर्सिंग होम के नोडल का कहना है अस्पताल संचालन पर रोक लगाने संग पुलिस को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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मालूम हो कि, हरदोई के बेनीगंज निवासी किसान बैजनाथ मौर्या के बेटे प्रांजल (5) के सीने में फोड़ा था। परिजनों ने उसे कोथावां स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से लखनऊ के न्यू वेदांता हॉस्पिटल में एक जून को रेफर किया गया था। उसी दिन दोपहर में बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 
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ऑपरेशन के एक घंटे के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई थी। मां रुबी ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मामले में पुलिस ने सीएमओ को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। 
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कमेटी सदस्यों ने अस्पताल को कई नोटिस देकर बयान व साक्ष्य मांगे थे। अस्पताल के जरिये बयान दर्ज नहीं कराया गया था। कमेटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्य के आधार पर अस्पताल को दोषी ठहराया है। नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह का का कहना है कि पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस को भेजने संग अस्पताल को बंद कराया जाएगा।

घटना के बाद संचालक ने दूसरे को संचालन के लिए सौंपा अस्पताल

न्यू वेदांता हॉस्पिटल में बच्चे की मौत के बाद अस्पताल संचालक शुभम यादव ने अस्पताल संचालन के लिए दूसरे किसी को दे दिया था। जिसके जरिये उसी पते पर संचालन कराया जा रहा है। मामले की जानकारी अफसरों को होने के बाद भी अस्पताल संचालन पर रोक नहीं लगाई गई। करीब एक साल से दूसरा अस्पताल का संचालन करा रहा है।

दोषी अस्पताल पर मेहराबनी, संचालन रोक नहीं पाए नोडल

ठाकुरगंज स्थित ऑक्सीजन हॉस्पिटल में बच्चे की मौत मामले में कमेटी ने पूर्व में अस्पताल को दोषी ठहराया था। अस्पताल संचालक ने जांच के लिए काेई भी दस्तावेज भी नहीं दिए। कमेटी ने अस्पताल को दोषी ठहराया था। 



जिसके बाद अस्पताल संचालक ने दोबारा अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद भी संचालक अपना बयान दर्ज कराने नहीं आया। कई नोटिस भी सीएमओ ऑफिस की ओर से जारी की गई। इसके बाद भी संचालक बयान दर्ज कराने नहीं आया। ऐसे में छह माह से विभागीय अफसर नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं।

 

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