फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Governor Anandiben Patel said there should be a provision for punishment for incorrect evaluation of

Lucknow: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बोलीं- कॉपियों के गलत मूल्यांकन पर हो दंड का प्रावधान, पढ़ें पूरा बयान...

Fri, 09 Jan 2026 09:23 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Fri, 09 Jan 2026 09:23 PM IST
सार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एकेटीयू की परीक्षा प्रणाली की समीक्षा करते हुए गलत मूल्यांकन पर आर्थिक दंड का प्रावधान करने की बात कही। उन्होंने पीजी छात्रों से सीमित रूप में कॉपियों की जांच, नकल मामलों में अभिभावकों से संवाद और तकनीक आधारित निष्पक्ष व्यवस्था पर जोर दिया।

विज्ञापन
Lucknow: Governor Anandiben Patel said there should be a provision for punishment for incorrect evaluation of
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

लखनऊ में कॉपियों की मूल्यांकन प्रक्रिया को और बेहतर करने के क्रम में कहा है कि इनकी जांच काफी सावधानी से की जानी चाहिए। वहीं गलत मूल्यांकन मिलने पर आर्थिक दंड का प्रावधान भी होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पीजी छात्रों से भी सीमित संख्या में स्नातक कक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा सकता है।

विज्ञापन


राजभवन में राज्यपाल ने शुक्रवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) द्वारा परीक्षा के लिए प्रयोग की जा रही डिजिटल व्यवस्था का प्रस्तुतिकरण देखा। राज्यपाल ने कहा कि कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान जहां गलती हो, वहीं स्पष्ट रूप से अंकित किया जाना चाहिए, ताकि पुनः जांच कराने वाले विद्याथी अपनी कमियों को समझ सकें। उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की शैक्षणिक स्थिति के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि के अनुसार विषयों का चयन एवं आवश्यक कौशल विकसित किया जाना चाहिए, क्योंकि रुचि के क्षेत्र में बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि नकल में संलिप्त पाए जाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर उनसे संवाद किया जाना चाहिए। यह समझने का प्रयास किया जाना चाहिए कि किन परिस्थितियों में विद्यार्थी इस प्रकार के कृत्य के लिए विवश हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज एलजानी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय व परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया आदि उपस्थित थे।

कॉपियों की बर्बादी रोकने के दिए सुझाव

राज्यपाल ने कहा कि कॉपियों का आकलन करें कि विद्यार्थी औसतन कितने पेज लिखते हैं। उसी से कॉपियों की पेज संख्या निर्धारित करें। इससे अनावश्यक पेज की बर्बादी रुकेगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पेज उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के हित में मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक प्रभावी, निष्पक्ष एवं तकनीक आधारित बनाया जाए।

लाइव मॉनीटरिंग, बायोमीट्रिक उपस्थिति लागू

प्रस्तुतिकरण में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विश्वविद्यालय के कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग की जाती है। कॉपियों पर बारकोडिंग, बायोमीट्रिक आधारित उपस्थिति आदि तकनीकी व्यवस्थाएं लागू हैं। परीक्षा केंद्रों से प्राप्त कॉपियों को विश्वविद्यालय में स्कैन किया जाता है। इससे उनमें किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं रहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed