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लखनऊ: कैटल कैचिंग दस्ते पर पूर्व सपा पार्षद ने किया हमला, छुड़ाए लिए ले जा रहे पशु, अवैध डेयरियों का है मामला
Sat, 07 Sep 2024 08:59 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 07 Sep 2024 08:59 AM IST
सार
cattle catching squad: लखनऊ के शंकरपुरवा इलाके में पशुओं को ले जाने के लिए पहुंचे कैटल कैचिंग दस्ते पर हमला हो गया। इसमें कई कर्मचारी चोटिल हो गए।
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कैटल कैचिंग दस्ता। प्रतीकात्मक फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
शंकरपुरवा प्रथम वार्ड के आदिल नगर में शुक्रवार सुबह अवैध डेयरियां हटाने पहुंचे नगर निगम के कैटल कैचिंग दस्ते के साथ मारपीट की गई। इसमें कई कर्मचारी चोटिल हो गए। आरोप है कि पूर्व सपा पार्षद पंकज यादव ने जबरन गाड़ी से पशु उतारवा लिए। नगर निगम की ओर से गुडंबा थाने में पाार्षद के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। करीब पांच साल पहले भी अतिक्रमण अभियान के दौरान हंगामा और टीम का घेराव करने को लेकर पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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जोन सात के कैटिल कैचिंग दस्ता प्रभारी शिवेक वर्मा की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया कि जैसे ही गाड़ी पशुओं को लादकर बढ़ी, कंचना बिहारी मार्ग पर कामाख्या स्कूल के पास सुबह करीब आठ बजे पार्षद पंकज यादव ने साथियों के साथ हमला बोल दिया। इससे कर्मचारी लालजी चौरसिया और विकास निषाद को कई जगह चोटें आईं। इसके साथ सपा पार्षद ने गाड़ी में लदी 12 भैंसें और चार गाय भी जबरन उतरवा लीं।
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नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि अवैध डेयरियां हटाने का मामला सदन में भी उठा था और इसे लेकर लगातार शिकायतें भी आती हैं। इस पर अभियान चलाया जा रहा है।
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सदस्यता निरस्त होने की आई थी नौबत
करीब पांच साल पहले भी सपा पार्षद पंकज यादव ने सरकारी जमीन से कब्जा हटाने गई नगर निगम की टीम का घेराव किया था। इससे तत्कालीन तहसीलदार सविता शुक्ला को बैरंग लौटना पड़ था। हंगामा, घेराव के बीच वे वह बड़ी मुश्किल से निकल पाईं थीं। कार्रवाई का विरोध करते हुए पार्षद जेसीबी के आगे लेट गए थे। उस समय भी पंकज यादव के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। इसके बाद उनकी सदस्यता निरस्त करने की कार्यवाही भी शुरू हुई थी। मामला सदन में भी उठा था। हालांकि, फिर यह ठंडे बस्ते में चला गया, जिससे पंकज की सदस्यता बच गई थी।
कर्मचारी संघ ने अफसरों के खिलाफ जताया विरोध
नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा और उपाध्यक्ष शमील एखलाक ने कहा, अभियान के दौरान कर्मचारियों से मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अधिकारी अपनी ओर से एफआईआर भी नहीं लिखाते हैं। संघ की मांग है कि अभियान के दौरान अफसर साथ रहें और एफआईआर भी खुद ही दर्ज कराएं।
मारपीट का आरोप गलत
नगर निगम के दस्ते से मारपीट और जबरन पशु छुड़ाने के आरोप गलत हैं। मैं किसी से मिलने जा रहा था कि तभी कुछ लोगों कहा कि टीम वाले एक गाय को खींच रहे हैं। उसके पेट में बच्चा है। इसे लेकर ही भीड़ आक्रोशित थी।- पंकज यादव, पूर्व सपा पार्षद