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लखनऊ: बेटे की शादी के दिन पिता की मौत, चिता को आग देने के बाद दूल्हा बनकर गया बेटा; खुशियों की जगह मातम

Wed, 06 May 2026 10:47 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 06 May 2026 10:47 PM IST
सार

Father dies on wedding day: लखनऊ के निगोहां क्षेत्र में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक पिता की मौत उसी दिन हुई जिस दिन उसके बेटे की शादी थी। 

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Lucknow: Father dies on son's wedding day, son lights funeral pyre and then leaves as groom; joy turns to mour
शादी के दिन ही हुई पिता की मौत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 पूरा घर मंगल गीतों से गूंज रहा था। विवाह की रस्में धूमधाम से चल रही थीं। पूरे गांव में बरात निकलने की तैयारियां हो रही थीं कि तभी अचानक दूल्हे के पिता की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले गए पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। शादी वाले घर में शहनाई की जगह क्रंदन गूंज उठा। पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। पिता का अंतिम संस्कार कर दूल्हा देर शाम कुछ लोगों के साथ बरात लेकर दुखी मन से रायबरेली रवाना हुआ और वहां विवाह की रस्मअदायगी कर बुधवार को वापस आया। गांव में बरात आने की खुशियों की जगह मातमी सन्नाटा पसरा रहा।
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मामला राजधानी के निगोहां गांव का है जहां 60 वर्षीय किसान भाईलाल कश्यप के सबसे छोटे बेटे रिंकू की मंगलवार को शादी थी। शाम को बरात रायबरेली के शिवगढ़ स्थित गांव बंकागढ़ जानी थी। बरात के लिए घर में रिश्तेदार जमा थे और गांव भर में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार शाम हल्दी-मेहंदी की रस्म के दौरान भाईलाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों ने निगोहां कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया। मंगलवार सुबह उपचार के दौरान उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। भाईलाल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उधर दूसरी ओर कन्या पक्ष तक जब खबर पहुंची तो वहां भी मातम छा गया।
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दोनों पक्षों को शादी कर लेना उचित लगा

भाईलाल के परिजन सकते में थे क्योंकि अंतिम संस्कार भी होना था और मंगलवार को ही बरात भी जानी थी। नाते-रिश्तेदारों की रजामंदी से तय हुआ कि भाईलाल के अंतिम संस्कार के बाद सादगी के साथ बरात रवाना होगी। मंगलवार शाम लगभग चार बजे गांव में ही भाईलाल का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद भारी मन से रात लगभग आठ बजे सीमित बरातियों के साथ बरात रायबरेली के शिवगढ़ में स्थित बंकागढ़ निवासी रामनंद के यहां रवाना हुई। पहले से तय कार्यक्रम के चलते सादगी के साथ किसी तरह से विवाह की रस्में पूरी कराई गईं। बुधवार को रिंकू कश्यप अपनी नई नवेली दुल्हन रोहिनी को लेकर घर पहुंचे। इस दौरान घर-परिवार और गांव में उल्लास की जगह गम और सन्नाटा था। इस हृदयविदारक घटना की पूरे क्षेत्र में चर्चा रही। गांव वाले यही कह रहे थे कि भगवान ऐसा दिन किसी को भी न दिखाए।

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