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कोविड के इलाज में लापरवाही पर लखनऊ जिलाधिकारी ने चार निजी अस्पतालों से मांगा जवाब
Wed, 23 Sep 2020 12:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 23 Sep 2020 12:06 PM IST
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इलाज में लापरवाही की शिकायतों के आधार पर लखनऊ जिलाधिकारी ने चार निजी अस्पतालों से जवाब मांगा है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि इन अस्पतालों में कोविड रोगियों के उपचार में लापरवाही सामने आई है।
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इस संबंध में पूरा विवरण अपर जिलाधिकारी ट्रांसगोमती और मुख्य चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जांच में रोगी का कोविड टेस्ट विलंब से कराने, टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद भी तत्काल कोविड हॉस्पिटल रेफर न करने, चिकित्सालय में प्रोटोकॉल में लापरवाही सामने आई है। वहीं, मंडलायुक्त रंजन कुमार ने डीएम के साथ इनमें से एक अस्पताल का औचक निरीक्षण भी किया।
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केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर की मौत से दहशत
केजीएमयू में नर्सिंग ऑफिसर की मौत के बाद कर्मचारियों और रेजिडेंट डॉक्टरों में दहशत है। केजीएमयू प्रशासन सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों की जांच करा लेने का दावा कर रहा है, जबकि डॉक्टर व कर्मचारी इससे इनकार कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों ट्रॉमा से लेकर गांधी वार्ड तक रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिविट मिलने लगी तो केजीएमयू ने सामूहिक रूप से जांच की योजना तैयार की। यहां 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी, एक हजार रेजिडेंट और पांच सौ संकाय सदस्य हैं। इसी तरह करीब 800 एमबीबीएस छात्र हैं।
आरोप है कि विभागवार जांच के दौरान जब बड़ी संख्या में कर्मचारी व डॉक्टर पॉजिटिव मिलने लगे तो जांच बंद करा दी गई। करीब आधे लोगों की ही जांच हो पाई है। कर्मचारियों और डॉक्टरों का कहना है कि एक बार फिर सामूहिक जांच कराई जाए। गौरतलब है कि ज्यादातर मरीज लिंब सेंटर में बने कोविड हॉस्पिटल में भर्ती किए जा रहे हैं, लेकिन आईसीयू और एचडीयू के कुछ मरीज अभी भी संक्रामक रोग विभाग और गांधी वार्ड में भर्ती किए जा रहे हैं।
केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि परिसर में सभी की जांच कराई जा चुकी है। करीब आठ से नौ फीसदी तक पॉजिटिव पाए गए थे। जिन लोगों में लक्षण दिखते हैं या जो किसी संक्रमित के संपर्क में आ जाते हैं, उनकी जांच कराई जाती है।