पहल: परेशानी में फंसे लोगों को बचाने वालों को मिलेगा 50 हजार का इनाम
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बहादुरी की अलग-अलग श्रेणियों में योग्य उम्मीदवार का चयन किया जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी राजशेखर ने बृहस्पतिवार को दी।
डीएम ने बताया कि अक्सर ऐसा होता है कि सड़क दुर्घटना, आग लगने के हादसे, नेशनल हाइवे पर विपदा में फंसे लोगों को बचाने वाला कोई बहादुर नहीं मिलता।
लोगों को तड़पता देख अनदेखा कर दिया जाता है, क्योंकि लोग झमेले में नहीं पड़ना चाहते हैं। आम लोगों की इसी नकारात्मक सोच को बदलने के लिए प्रशासन ने अब किसी पीड़ित की मदद करने वाले बहादुरों को जिला स्तर पर बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला लिया है। ताकि युवा वर्ग ऐसे पीड़ितों की मदद के लिए खुद आए आए।
अलग-अलग कैटेगरी में होगा चयन
डीएम ने कहा कि हर साल लखनऊ महोत्सव के दौरान यह पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं हर माह आयोजित होने वाले गंजिंग कार्निवाल में भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
प्राकृतिक या मौसमी आपदा से किसी जनहानि को रोकने के लिए, किसी बच्चे या महिला को उत्पीड़न व हिंसा से बचाने पर, सड़क हादसे के दौरान घायल की मदद कर जान बचाने,
सांप्रदायिक हिंसा या वर्ग संघर्ष के दौरान बहादुरी से निर्दोष की जान और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने में दिखाई गई बहादुरी के लिए अलग-अलग श्रेणी में बहादुरों को चिन्हित किया जाएगा।