फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lucknow court cancels the transfer of an officer done by a minister.

कोर्ट ने रद्द किया ट्रांसफर, कहा- सियासी हुक्म पर तबादले न करे सरकार

Sun, 05 Mar 2017 10:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 05 Mar 2017 10:45 AM IST
विज्ञापन
lucknow court cancels the transfer of an officer done by a minister.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जंतु उद्यान मंत्री डॉ. शिवप्रताप यादव के पत्र के बाद हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी बलरामपुर के तबादले को रद्द कर दिया। साथ ही प्रदेश सरकार से कहा है कि भविष्य में इस तरह के राजनीतिक हुक्म पर तबादला आदेश न दिए जाएं।

विज्ञापन


इस मामले में वीरेंद्र कुमार तिवारी ने अपने तबादला आदेशों के खिलाफ याचिका दायर की थी। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने 21 नवंबर 2016 को उन्हें बलरामपुर से बुलंदशहर ट्रांसफर किए जाने का आदेश दिया था।
विज्ञापन


याची का कहना था कि उनका ट्रांसफर पूरी तरह राजनीतिक था। मंत्री ने उनकी गतिविधियों को समाजवादी पार्टी की नीतियों के विपरीत मानते हुए उनके तबादले की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सात सितंबर को मंत्री ने उनके तबादले के लिए विभाग को सिफारिशी पत्र लिखा था, जबकि वे उनके विभाग से संबंधित भी नहीं हैं। सिफारिश में तिवारी की गतिविधियां सपा के खिलाफ बताई गईं।

तबादला खारिज करने की मांग की

lucknow court cancels the transfer of an officer done by a minister.

16 सितंबर को एक अन्य पत्र उनके विभाग के निदेशक ने लिखा, जिसमें मंत्री के नाम का उल्लेख करते हुए तिवारी के बारे में बातें कही गई थीं। याची का कहना था कि इन आधारों पर उनका तबादला खारिज किया जाना चाहिए।

विभाग का तर्क
महिला एवं बाल कल्याण विभाग के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि तिवारी 1999 में सेवा में आए थे और 17 वर्षों में से 16 वर्ष देवीपाटन मंडल में बाल विकास परियोजना अधिकारी के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। अकेले बलरामपुर में वे सात वर्षों से हैं।

सरकार की नीति है कि किसी मंडल में 10 वर्ष और जिले में छह वर्ष सेवा देने के बाद कर्मचारी का तबादला कर दिया जाता है। ऐसे में तबादले को राजनीतिक नहीं कहा जाना चाहिए।

हाईकोर्ट नहीं माना
विभाग के तर्क को हाईकोर्ट ने नहीं माना। जस्टिस श्रीनारायण शुक्ला व जस्टिस शिव कुमार सिंह -प्रथम ने कहा कि सामने आए दस्तावेजों से साफ है कि यह तबादला एक राजनीतिक हुक्म है। ऐसे में इस हुक्म को रद्द किया जाता है।

बलरामपुर में अब और तैनाती नहीं

lucknow court cancels the transfer of an officer done by a minister.

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार के जवाब में सामने आए तथ्यों के अनुसार तिवारी के विभाग को निर्देश दिए जाते हैं कि उन्हें कहीं और नियुक्त करे।

नई जगह नियुक्ति के आदेश तबादला रद्द करने के आदेश के साथ-साथ दिए जा सकते हैं। याची को बलरामपुर में और अधिक समय नहीं रखा जा सकता।

सरकार को नसीहत
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि प्रदेश के एक मंत्री द्वारा तबादले के लिए की गई सिफारिश पर राज्य सरकार ने बिना कोई जांच करवाए जिस तरह से कदम उठाया, उस पर भी गौर करने की जरूरत है।

हाईकोर्ट ने सरकार को नसीहत दी कि भविष्य में इस तरह के राजनीतिक हुक्मों को आधार बनाकर बिना जांच तबादले न किए जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed