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Lucknow: प्लॉट के नाम पर कारोबारी से ठगे 3.17 करोड़ रुपये, अफसरों को देने के नाम पर 2.86 लाख के मोबाइल भी ऐंठे
Mon, 10 Aug 2026 09:51 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 10 Aug 2026 09:51 PM IST
सार
ठगी का शिकार बने अविहर्ष का कहना है कि ठग ने उनसे दो करोड़ 32 लाख रुपये ले लिए। फिर उनसे दो लाख 86 हजार रुपये के दो मोबाइल फोन भी यह कह कर ले लिए कि ये उसे अधिकारियों को देने हैं। वहीं, इसके बाद 86 लाख रुपये लेकर फर्जी आवंटन पत्र दे दिए।
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- फोटो : social media
विस्तार
लखनऊ में पीजीआई के शारदा नगर निवासी कारोबारी अविहर्ष शुक्ला ने रायबरेली के बिनोहारा में रहने वाले यशवंत सिंह पर खुद को आवास विकास परिषद का कर्मचारी बता 3.17 करोड़ रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। आरोपी ने आवास विकास की ओर से आवंटित प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले में रविवार को पीजीआई पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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अविहर्ष ने बताया कि तीन साल पहले उनके सीए अक्षय गुप्ता ने उन्हें यशवंत से मिलाया था। उसने अपनी पहचान परिषद के उच्च अधिकारियों से होने का दावा किया और विश्वास दिलाया कि वह आवास विकास परिषद से प्लॉट आवंटित करा देगा। हामी भरने पर बात 3.17 करोड़ में बनी।
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अविहर्ष का कहना है कई बार में यशवंत ने उनसे आवास विकास परिषद के मुख्यालय में मिलकर दो करोड़ 32 लाख रुपये ले लिए। फिर उनसे दो लाख 86 हजार रुपये के दो मोबाइल फोन भी यह कह कर ले लिए कि ये उसे अधिकारियों को देने हैं। इसके अलावा चार जुलाई 2024 को 85 लाख अलग से ले लिए और उन्हें फर्जी आवंटन पत्र दे दिए। पत्र पर आवास विकास परिषद की मुहर भी लगी थी।
जांच कराने पर खुला मामला
अविहर्ष ने बताया कि शक होने पर उन्होंने जांच कराई तो पत्र फर्जी निकला। परिषद में पूछताछ करने पर पता चला कि यशवंत नाम का वहां कोई कर्मचारी है ही नहीं। रकम वापस मांगने पर जुलाई 2026 तक आरोपी टरकाता रहा और बाद में झूठे मामले में फंसाने और हत्या की धमकी देने लगा। पीड़ित ने बताया कि सीए भी ठगी का शिकार हुए हैं।
ठगी में यशवंत के साथ, पूजा इंटरप्राइजेज कंपनी और समरेश यादव भी शामिल हैं। परेशान होकर पीड़ित ने डीसीपी दक्षिणी मुश्ताक से शिकायत की। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया है। मामले की विवेचना शिवेंद्र प्रताप सिंह कर रहे हैं। पीड़ित को दस्तावेजों के साथ बुलाया जाएगा। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।