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लखनऊ के अमरनाथ यात्री की हार्टअटैक से मौत, घरवाले सदमे में
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:43 AM IST
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मृतक अभिषेक की फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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राजधानी से अमरनाथ यात्रा पर गए मानकनगर के मंगलखेड़ा निवासी 28 वर्षीय युवक अभिषेक की रविवार को बालटाल में मौत हो गई। बालटाल के मेडिकल कैंप से दी गई सूचना के अनुसार अभिषेक की मौत ह्दय गति रुकने से हुई है।
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अभिषेक के साथ उसके पांच और साथी बालटाल में ही हैं। अभिषेक के ताऊ के लड़के उमेश व छोटे भाई अंकित ने बताया कि वह अपने साले अमन व अन्य साथियों के साथ छह जुलाई को यात्रा पर गया था। शनिवार को दर्शन कर वह रात में बालटाल आ गया था और खुद फोन से सकुशल दर्शन होने की जानकारी दी थी।
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यही नहीं रविवार को दोपहर में भी अभिषेक से घर वालों की बात हुई थी। बाद में शाम को अचानक बालटाल के मेडिकल कैंप से सेना के किसी अफसर का फोन आया कि अभिषेक को हार्ट अटैक पड़ने से उसका निधन हो गया है। बाद में अभिषेक के साले अमन ने भी इसकी तस्दीक की।
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पत्नी को नहीं दी गई जानकारी
डेमो पिक
- फोटो : demo pic
अभिषेक की मौत की सूचना पाकर घर वाले सदमे में हैं। छोटे भाई अंकित ने बताया कि तीन भाइयों में अभिषेक सबसे बड़े थे। अंकित उनसे छोटा व चंदन सबसे छोटा भाई है। अभिषेक ठेकेदारी करता था।
उसकी पत्नी मंजू चौरसिया और उनकी एक तीन साल की बेटी साक्षी है। घर में पिता जेएल चौरसिया व मां रानी चौरसिया हैं। हादसे की सूचना अभी मां व पत्नी को नहीं दी गई है। अंकित के अनुसार बालटाल से घाटी में भड़की हिंसा के कारण अभिषेक का शव लखनऊ आने में दो दिन लगने की बात कही गई है।
घर में सबको जानकारी नहीं दी गई। उधर, अभिषेक के मोबाइल से ही सबसे घर वालों का संपर्क हो रहा था, लेकिन वह भी अब बंद हो गया है। ऐसे में सभी परेशान हैं। भाईयों ने ‘अमर उजाला’ के माध्यम से सरकार से अभिषेक का शव जल्द घर पहुंचवाने में मदद की मांग की है।
उसकी पत्नी मंजू चौरसिया और उनकी एक तीन साल की बेटी साक्षी है। घर में पिता जेएल चौरसिया व मां रानी चौरसिया हैं। हादसे की सूचना अभी मां व पत्नी को नहीं दी गई है। अंकित के अनुसार बालटाल से घाटी में भड़की हिंसा के कारण अभिषेक का शव लखनऊ आने में दो दिन लगने की बात कही गई है।
घर में सबको जानकारी नहीं दी गई। उधर, अभिषेक के मोबाइल से ही सबसे घर वालों का संपर्क हो रहा था, लेकिन वह भी अब बंद हो गया है। ऐसे में सभी परेशान हैं। भाईयों ने ‘अमर उजाला’ के माध्यम से सरकार से अभिषेक का शव जल्द घर पहुंचवाने में मदद की मांग की है।