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Lucknow: छपरा एक्सप्रेस में युवती की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप, अलग पॉलीथीन में पैक थे हाथ-पैर
Sun, 17 May 2026 10:13 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 17 May 2026 10:13 PM IST
सार
छपरा गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन छपरा से गोमतीनगर पहुंचने तक 20 स्टेशनों से गुजरती है। ऐसे में रूट के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी जीआरपी चेक करेगी। बोगी में बॉक्स लेकर सवार होने वालों को सीसीटीवी से जांचेगी।
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बॉक्स तोड़कर महिला के शव को निकाला गया।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
छपरा से गोमतीनगर आने वाली छपरा गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में युवती की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया। आनन फानन जीआरपी आरपीएफ मौके पर पहुंची। लाश एक बॉक्स में बंद थी। युवती के हाथ पैर पॉलीथीन में पैक किए गए थे। जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मामला छपरा से गोमतीनगर आने वाली गाड़ी संख्या 15114 का है। यह ट्रेन छपरा से शाम पौने छह बजे चलकर रविवार सुबह छह बजे गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने के बाद स्लीपर कोच एस 1 में एक बॉक्स की सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। इसके बाद जीआरपी एवं आरपीएफ को बुलाया गया। चारबाग जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि टीम के साथ मौके पर पहुंचने पर बॉक्स खुलवाया गया। इसमें एक युवती का धड़ था। जिसकी उम्र 30 से 35 वर्ष के आसपास थी। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। युवती के शव का सिर नहीं था। उसके हाथ पैर एक पॉलीथीन में पैक मिले। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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शिनाख्त के लिए टीम गठित, यात्रियों से होगी पूछताछ
युवती के शव की शिनाख्त के लिए टीम गठित कर दी गई है। जो बोगी में सवार यात्रियों से पूछताछ से लेकर रूट के स्टेशनों से भी पड़ताल करेगी।
20 स्टेशनों से गुजरकर पहुंचती है ट्रेन, चेक होंगे सीसीटीवी
छपरा गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन छपरा से गोमतीनगर पहुंचने तक 20 स्टेशनों से गुजरती है। यह ट्रेन करीब 12 घंटे में सफर पूरा करती है। ऐसे में रूट के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी जीआरपी चेक करेगी। बोगी में बॉक्स लेकर सवार होने वालों को सीसीटीवी से जांचेगी।
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मच गया हड़कंप, रेलवे अफसर भी हुए सक्रिय
छपरा गोमतीनगर एक्सप्रेस में।महिला की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल से लेकर गोरखपुर मुख्यालय तक के अफसर सक्रिय हो गए। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
आरक्षित यात्रियों के ब्यौरे को खंगालेगी जीआरपी
स्लीपर कोच एस 1 में युवती का शव मिलने के बाद इस बोगी में आरक्षण करवाकर सफर करने वाले यात्रियों का ब्यौरा रेलवे से लेकर उनसे जीआरपी पूछताछ करेगी। हालांकि आरक्षित बोगियों में जनरल टिकट यात्री भी सवार हो जाते हैं, ऐसे में जीआरपी के लिए जांच आसान नहीं होगी।
रंगबिरंगा सूट पहने थी युवती, ग्रामीण परिवेश के होने की आशंका
बॉक्स में मिले युवती के धड़ पर सूट था। सूट रंगबिरंगा था। जिसे देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवती ग्रामीण परिवेश की हो सकती है। हालांकि जांच टीमें अभिनय पर कुछ भी कहने से बच रही हैं।
धारदार हथियार से काटे गए अंग, चोट के निशान नहीं
युवती के शव को बेहद धारदार हथियार से काटा गया है। आशंका जताई जा रही है कि कसाईबाड़े में इस्तेमाल होने वाले चापड़ का इस्तेमाल हत्यारे ने किए होगा। युवती के शव पर किसी प्रकार की जबरदस्ती, चोट आदि के निशान फिलहाल नहीं मिलने की बात सूत्र बता रहे हैं।
बॉक्स में ही रह गए खून के धब्बे
ट्रेन की स्लीपर बोगी में मिले बॉक्स में शव को कुछ ऐसे पैक किया गया था कि खून के धब्बे अंदर ही रह गए। बाहर नहीं दिखे। ऐसे ही हाथ पैर पॉलीथीन में थे, उससे भी खून बाहर नहीं नजर आया।
रंगबिरंगा सूट पहने थी युवती, ग्रामीण परिवेश के होने की आशंका
बॉक्स में मिले युवती के धड़ पर सूट था। सूट रंगबिरंगा था। जिसे देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवती ग्रामीण परिवेश की हो सकती है। हालांकि जांच टीमें अभिनय पर कुछ भी कहने से बच रही हैं।
धारदार हथियार से काटे गए अंग, चोट के निशान नहीं
युवती के शव को बेहद धारदार हथियार से काटा गया है। आशंका जताई जा रही है कि कसाईबाड़े में इस्तेमाल होने वाले चापड़ का इस्तेमाल हत्यारे ने किए होगा। युवती के शव पर किसी प्रकार की जबरदस्ती, चोट आदि के निशान फिलहाल नहीं मिलने की बात सूत्र बता रहे हैं।
बॉक्स में ही रह गए खून के धब्बे
ट्रेन की स्लीपर बोगी में मिले बॉक्स में शव को कुछ ऐसे पैक किया गया था कि खून के धब्बे अंदर ही रह गए। बाहर नहीं दिखे। ऐसे ही हाथ पैर पॉलीथीन में थे, उससे भी खून बाहर नहीं नजर आया।