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Lucknow :  यूपी के 29 जिलों का न सरकार में प्रतिनिधित्व और न संगठन में जगह, चुनावी मेहनत के बाद भी वंचित

Thu, 25 May 2023 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 25 May 2023 06:03 AM IST
सार

अयोध्या, झांसी, फिरोजाबाद जैसे नगर निगम वाले बड़े जिलों के विधायकों और नेता भी सरकार व संगठन में मौका पाने से वंचित हैं। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक भाजपा का पूरा साथ देने के बाद भी जिलों को मौका नहीं मिला है।

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Lucknow: 29 districts of UP have no representation in the government, no place in the organization
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के 29 जिलों को न तो योगी सरकार में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है न ही भाजपा संगठन में जगह मिली है। अयोध्या, झांसी, फिरोजाबाद जैसे नगर निगम वाले बड़े जिलों के विधायकों और नेता भी सरकार व संगठन में मौका पाने से वंचित हैं। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक भाजपा का पूरा साथ देने के बाद भी जिलों को मौका नहीं मिला है।

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प्रदेश के 75 जिलों में सरकार और संगठन में कुल 46 जिलों को ही जगह मिली है। 52 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 35 जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है। वहीं 45 सदस्यीय भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों और छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की टीम में भी 26 जिलों के नेताओं को ही मौका मिला है। 
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अवध के 13 प्रशासनिक जिलों में से अयोध्या, आंबेडकर नगर, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती को भी सरकार व संगठन में जगह नहीं मिली है। जबकि, हाल ही में हुए निकाय चुनाव तक में अयोध्या में भाजपा ने महापौर का चुनाव जीता है। पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायतों में भी भाजपा ने 2017 से अधिक सीटें जीती है।
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कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी, महोबा, फतेहपुर, हमीरपुर, चित्रकूट, इटावा, औरेया, फर्रुखाबाद जिले भी प्रतिनिधित्व से वंचित हैं। जबकि, झांसी नगर निगम में भी भाजपा ने चुनाव जीता है। पश्चिम क्षेत्र से हापुड़, बिजनौर, अमरोहा, बृज क्षेत्र में एटा, फिरोजाबाद, गोरखपुर क्षेत्र में बस्ती, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महराजगंज और काशी क्षेत्र में भदोही, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, कौशांबी, चंदौली और प्रतापगढ़ जिले को भी संगठन व सरकार में जगह नहीं मिली है। 


इन जिलों पर मेहरबानी
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, शाहजहांपुर, बरेली, कानपुर नगर और कानपुर देहात जिले को सरकार व संगठन में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। योगी स्वयं गोरखपुर से हैं। पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह सैंथवार और अग्रिम मोर्चों के प्रभारी ओपी श्रीवास्तव भी गोरखपुर से हैं। लखनऊ से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी सरकार में हैं।


जबकि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह, प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य, प्रदेश मंत्री शंकर लोधी, अर्चना मिश्रा, अभिजात मिश्रा भी लखनऊ से ही हैं। कानपुर से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावतती सिंह, मानवेंद्र सिंह, देवेश कुमार कोरी, कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित भी कानपुर से ही हैं। पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाशपाल भी कानपुर से ही हैं। कानपुर देहात से एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और अजीत पाल सिंह सरकार में हैं। 

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