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लविविः डेढ़ करोड़ से लेगा ई-कंटेंट
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1.50 करोड़ से ई-कंटेंट खरीदेगा एलयू
कुल 2.60 करोड़ से विभागों के लिए ली जाएंगी किताबें
10 लाख इंजीनियरिंग के लिए आवंटित, बढ़ेगी इनकी राशि
लखनऊ विश्वविद्यालय नए सत्र 2019-20 में अपने विद्यार्थियों को बेहतर ई-कंटेंट उपलब्ध कराएगा। नए सत्र में विवि 1.50 करोड़ से ई-कंटेंट खरीदेगा। बृहस्पतिवार को ऑनरेरी लाइब्रेरियन प्रो. एनके खरे की अध्यक्षता में हुई विभागाध्यक्षों की बैठक में उनके प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कुल 2.60 करोड़ रुपये से किताबें खरीदी जाएंगी।
विवि टैगोर लाइब्रेरी के बगल में 500 कंप्यूटर की ई-लाइब्रेरी विकसित कर रहा है, जिसका काम आखिरी चरण में है। विद्यार्थी यहां बैठकर ई-कंटेंट का लाभ ले सकेंगे। आने वाले समय में इसे घर या छात्रावास से भी एक्सेस करने की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद तय हुआ कि इंजीनियरिंग विभाग को 10 लाख रुपये एलोकेट किए गए हैं। हालांकि यहां के लिए और बजट की जरूरत है। रूसा से मिलने वाली ग्रांट के बाद विवि यहां के लिए और बजट रिलीज करके विद्यार्थियों के लिए किताबें लेगा। अभी यहां तीसरे व चौथे वर्ष के विद्यार्थियों के लिए किताबों व लाइब्रेरी की पर्याप्त सुविधा नहीं है।
इसके अलावा 50 लाख रुपये से विभागों से प्रस्ताव लेकर रिफरेंस किताबें खरीदी जाएंगी। सभी विभागों से इसके लिए प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। वहीं अब तक लाइब्रेरी की 10 हजार किताबों की ही स्कैनिंग का काम पूरा किया गया है। संबंधित ने इसके लिए लाइट की दिक्कत का उल्लेख किया। तय हुआ कि स्कैनिंग के लिए अलग से एक जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही हर हाल में दो महीने के अंदर किताबों की स्कैनिंग का काम पूरा कर उन्हें ऑनलाइन पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। प्रो. एनके खरे ने बताया कि ई-कंटेंट व किताबों की खरीद का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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कुल 2.60 करोड़ से विभागों के लिए ली जाएंगी किताबें
10 लाख इंजीनियरिंग के लिए आवंटित, बढ़ेगी इनकी राशि
लखनऊ विश्वविद्यालय नए सत्र 2019-20 में अपने विद्यार्थियों को बेहतर ई-कंटेंट उपलब्ध कराएगा। नए सत्र में विवि 1.50 करोड़ से ई-कंटेंट खरीदेगा। बृहस्पतिवार को ऑनरेरी लाइब्रेरियन प्रो. एनके खरे की अध्यक्षता में हुई विभागाध्यक्षों की बैठक में उनके प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कुल 2.60 करोड़ रुपये से किताबें खरीदी जाएंगी।
विवि टैगोर लाइब्रेरी के बगल में 500 कंप्यूटर की ई-लाइब्रेरी विकसित कर रहा है, जिसका काम आखिरी चरण में है। विद्यार्थी यहां बैठकर ई-कंटेंट का लाभ ले सकेंगे। आने वाले समय में इसे घर या छात्रावास से भी एक्सेस करने की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद तय हुआ कि इंजीनियरिंग विभाग को 10 लाख रुपये एलोकेट किए गए हैं। हालांकि यहां के लिए और बजट की जरूरत है। रूसा से मिलने वाली ग्रांट के बाद विवि यहां के लिए और बजट रिलीज करके विद्यार्थियों के लिए किताबें लेगा। अभी यहां तीसरे व चौथे वर्ष के विद्यार्थियों के लिए किताबों व लाइब्रेरी की पर्याप्त सुविधा नहीं है।
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इसके अलावा 50 लाख रुपये से विभागों से प्रस्ताव लेकर रिफरेंस किताबें खरीदी जाएंगी। सभी विभागों से इसके लिए प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। वहीं अब तक लाइब्रेरी की 10 हजार किताबों की ही स्कैनिंग का काम पूरा किया गया है। संबंधित ने इसके लिए लाइट की दिक्कत का उल्लेख किया। तय हुआ कि स्कैनिंग के लिए अलग से एक जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही हर हाल में दो महीने के अंदर किताबों की स्कैनिंग का काम पूरा कर उन्हें ऑनलाइन पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। प्रो. एनके खरे ने बताया कि ई-कंटेंट व किताबों की खरीद का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
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