क्या कांग्रेस को सियासी ऑक्सीजन देगा सिलेंडर?

राजेंद्र ‌सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 01 Feb 2014 10:12 AM IST
lpg cylinder work as oxygen for political party
कांग्रेस रसोई गैस सिलेंडरों के जरिये लोकसभा चुनाव में ‘ऑक्सीजन’ पाने की कोशिश कर रही है।

सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की तादाद नौ से बढ़ाकर 12 करने के पीछे यही मंशा रही है।

इसके लिए यूपीए सरकार ने उपभोक्ताओं के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी पहुंचाने की बहुचर्चित ‘गेम चेंजर’ योजना पर भी ब्रेक लगा दी है। कांग्रेसी नेताओं का मानना कि यह फैसला जनभावनाओं के अनुरूप है।

रसोई को सीधे राहत देकर महिलाओं के बड़े वर्ग की हमदर्दी हासिल की जा सकती है। सत्ता विरोधी रुझान को भी कम किया जा सकता है।

यूपीए सरकार से आम लोगों की सबसे बड़ी नाराजगी महंगाई को लेकर रही। सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या जब छह तक सीमित की गई तो इसका काफी विरोध हुआ।

गैर सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ढाई से तीन गुना अधिक बैठती है। जन विरोध को देखते हुए कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस पर चर्चा हुई।

सोनिया गांधी के निर्देश पर नवंबर 2012 में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की तादाद छह से बढ़ाकर नौ कर दी गई। साथ ही आधार लिंक्ड बैंक एकाउंट में सीधे लाभ पहुंचाने की योजना शुरू की गई।

इसे ‘गेम चेंजर’ बताया गया। राहुल गांधी के दखल के बाद अब सब्सिडी वाले सिलेंडरों की तादाद नौ से  12 कर दी गई। साथ ही ‘डायरेक्टर बैनीफिट स्कीम’ पर रोक लगा दी गई।

कांग्रेसी मानते हैं कि इससे लोकसभा चुनाव में बड़ा लाभ मिलेगा। विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल के नेता नसीब पठान खां कहते हैं कि रसोई गैस की महंगाई हर घर, खास कर महिलाओं को प्रभावित करती है।

कांग्रेस के प्रति उनकी नाराजगी की एक वजह सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम करना था। उपभोक्ताओं के खाते में सीधे सब्सिडी भेजने में भी दिक्कतें आ रहीं थीं।

राहुल गांधी ने इसे महसूस किया और केंद्र ने फैसला बदला। जाहिर है कि जनता को राहत देने से कांग्रेस को लाभ होगा।

कांग्रेस मीडिया कमेटी के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी मानते हैं कि इस फैसले से हर घर में महिलाएं खुश हुई हैं। आधा आबादी को राहत देने के फैसले को कांग्रेस चुनाव से जोड़कर नहीं देखती।

भाजपा ने सिलेंडरों से बनाया सत्ता विरोधी रुझान
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा कहते हैं कि हमने सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या कम देने का सीधा नुकसान देखा है। उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे साकेत बहुगुणा के संसदीय उपचुनाव में वह पहुंचे तो भाजपा नेताओं ने बूथों पर खाली सिलेंडर रखे थे।

भाजपा ने गैस सिलेंडरों से सत्ता विरोधी रुझान पैदा कर दिया और उपचुनाव जीत लिया। अब देश भर की महिलाएं चाहती थीं कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 12 होनी चाहिए।

केंद्र सरकार ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है। निश्चित ही कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में इसका लाभ मिलेगा।

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