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एलडीए की लापरवाहीः कम आय वर्ग के फ्लैट भी 25 फीसदी महंगे
Mon, 20 Jan 2020 02:24 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 20 Jan 2020 02:24 PM IST
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सीजी सिटी में बने कम आय वर्ग के लिए एलडीए के फ्लैट
- फोटो : अमर उजाला
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सीजी सिटी में कम आय वर्ग के लिए बनाए गए फ्लैटों के लिए आवंटियों को अब तय अनुमानित कीमत से 25 फीसदी तक ज्यादा चुकाने होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण की लापरवाही और मनमाने रवैये की वजह से यह बोझ आवंटियों को उठाना होगा।
ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जीएसटी लगाने के बाद जिस इनपुट क्रेडिट का फायदा आवंटियों को मिलना चाहिए था, वह प्राधिकरण नहीं दे रहा। वहीं लागत बढ़ने के नाम पर प्राधिकरण ने पांच प्रतिशत तक कीमतें भी बढ़ा दीं। 1.75 लाख रुपये पार्किंग के लिए भी एलडीए वसूलेगा।
जानिए आवंटियों की जेब पर कितना बोझ बढ़ा रहा प्राधिकरण
20 लाख के फ्लैट पर 2.40 लाख रुपये जीएसटी
2015 में फ्लैटों का आवंटन शुरू हुआ। उस समय सर्विस टैक्स लगता था। पर, कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस, एलआईजी) को सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर थे। पर, अब 12 फीसदी जीएसटी भी आवंटियों से वसूला जा रहा है। ऐसे में 20 लाख कीमत वाले फ्लैट पर 2.40 लाख जीएसटी चुकाना होगा।
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ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जीएसटी लगाने के बाद जिस इनपुट क्रेडिट का फायदा आवंटियों को मिलना चाहिए था, वह प्राधिकरण नहीं दे रहा। वहीं लागत बढ़ने के नाम पर प्राधिकरण ने पांच प्रतिशत तक कीमतें भी बढ़ा दीं। 1.75 लाख रुपये पार्किंग के लिए भी एलडीए वसूलेगा।
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जानिए आवंटियों की जेब पर कितना बोझ बढ़ा रहा प्राधिकरण
20 लाख के फ्लैट पर 2.40 लाख रुपये जीएसटी
2015 में फ्लैटों का आवंटन शुरू हुआ। उस समय सर्विस टैक्स लगता था। पर, कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस, एलआईजी) को सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर थे। पर, अब 12 फीसदी जीएसटी भी आवंटियों से वसूला जा रहा है। ऐसे में 20 लाख कीमत वाले फ्लैट पर 2.40 लाख जीएसटी चुकाना होगा।
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देरी से बढ़ी लागत, अब खरीदार से वसूलेंगे
इनपुट क्रेडिट का फायदा देते तो 20 लाख के फ्लैट पर 1.20 लाख कम लगते
नियमों के अनुसार इनपुट क्रेडिट का फायदा खरीदार को देना होता है। बिल्डिंग मटेरियल की खरीद के समय निर्माण एजेंसी अलग-अलग चीजों पर जो जीएसटी का भुगतान करती है औसतन वह 18 प्रतिशत या उससे भी अधिक होता है। 12 प्रतिशत से अधिक जो जमा होता है उसको इनपुट क्रेडिट डिमांड के जरिये वापस लेकर खरीदार को फायदा दिया जाता है। अगर ऐसा होता तो छह प्रतिशत से अधिक तक कीमत कम कराई जा सकती थी।
प्राधिकरण करीब 5 फीसदी लागत में बढ़ोतरी के नाम पर वसूलेगा। यानी 20 लाख कीमत वाले फ्लैट पर एक लाख रुपये इसके नाम पर ज्यादा चुकाने होंगे। एक साल की देरी से एलडीए इन फ्लैटों का निर्माण पूरा कर रहा है। इसकी वजह से निर्माण लागत यहां बढ़ी। अगर समय से यह प्रोजेक्ट पूरा होता तो यह बढ़ोतरी होने से बच सकती थी।
नियमों के अनुसार इनपुट क्रेडिट का फायदा खरीदार को देना होता है। बिल्डिंग मटेरियल की खरीद के समय निर्माण एजेंसी अलग-अलग चीजों पर जो जीएसटी का भुगतान करती है औसतन वह 18 प्रतिशत या उससे भी अधिक होता है। 12 प्रतिशत से अधिक जो जमा होता है उसको इनपुट क्रेडिट डिमांड के जरिये वापस लेकर खरीदार को फायदा दिया जाता है। अगर ऐसा होता तो छह प्रतिशत से अधिक तक कीमत कम कराई जा सकती थी।
प्राधिकरण करीब 5 फीसदी लागत में बढ़ोतरी के नाम पर वसूलेगा। यानी 20 लाख कीमत वाले फ्लैट पर एक लाख रुपये इसके नाम पर ज्यादा चुकाने होंगे। एक साल की देरी से एलडीए इन फ्लैटों का निर्माण पूरा कर रहा है। इसकी वजह से निर्माण लागत यहां बढ़ी। अगर समय से यह प्रोजेक्ट पूरा होता तो यह बढ़ोतरी होने से बच सकती थी।
लग्जरी फ्लैटों वाली कीमत यहां क्यों
एलडीए अपने लग्जरी सेगमेंट के लिए बनाए फ्लैटों के आवंटियों से कवर्ड पार्किंग के 1.75लाख रुपये और ओपन पार्किंग के 75 हजार रुपये लेता है। सीजी सिटी में कम आय वर्ग के लिए पहली बार पार्किंग आवंटित की जा रही है। ऐसे में आय वर्ग के मुताबिक पार्किंग की कीमत तय करने की बजाय लग्जरी सेगमेंट की कीमतें ही यहां पार्किंग के लिए लागू कर दी गईं।
सीजी सिटी में 865 फ्लैट बनाए
सीजी सिटी में एलडीए ने स्वाती और कृतिका अपार्टमेंट में 865 फ्लैट बनाए हैं। इनमें से लगभग सभी फ्लैटों के आवंटन एलडीए कर चुका है। अब इनकी रजिस्ट्री कर कब्जा देने की प्रक्रिया एलडीए को करनी है।
जीएसटी केंद्र सरकार की तरफ से लागू है जिसे एलडीए को आवंटियों से लेकर संबंधित विभाग को जमा करना है। कीमतों में बढ़ोतरी पांच प्रतिशत से भी कम है जोकि सामान्य है। पार्किंग की कीमत अलग से ही देनी होती है। इनपुट क्रेडिट का आकलन सीजी सिटी के फ्लैटों के लिए नहीं किया गया है। इस पर काम कर आवंटियों को आर्थिक राहत दी जा सकती है। रजिस्ट्री के समय फाइनल कॉस्टिंग के समय इसे कम कर लिया जाएगा। कम आय वर्ग पर कोई आर्थिक बोझ हम नहीं डालना चाहते हैं। - राजीव कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक, एलडीए
सीजी सिटी में 865 फ्लैट बनाए
सीजी सिटी में एलडीए ने स्वाती और कृतिका अपार्टमेंट में 865 फ्लैट बनाए हैं। इनमें से लगभग सभी फ्लैटों के आवंटन एलडीए कर चुका है। अब इनकी रजिस्ट्री कर कब्जा देने की प्रक्रिया एलडीए को करनी है।
जीएसटी केंद्र सरकार की तरफ से लागू है जिसे एलडीए को आवंटियों से लेकर संबंधित विभाग को जमा करना है। कीमतों में बढ़ोतरी पांच प्रतिशत से भी कम है जोकि सामान्य है। पार्किंग की कीमत अलग से ही देनी होती है। इनपुट क्रेडिट का आकलन सीजी सिटी के फ्लैटों के लिए नहीं किया गया है। इस पर काम कर आवंटियों को आर्थिक राहत दी जा सकती है। रजिस्ट्री के समय फाइनल कॉस्टिंग के समय इसे कम कर लिया जाएगा। कम आय वर्ग पर कोई आर्थिक बोझ हम नहीं डालना चाहते हैं। - राजीव कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक, एलडीए