बदमाशों ने दिखाई शराफत, जाते वक्त पूछा- अंकल छोटी करंसी चाहिए?
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सकपकाए बदमाश उन्हें देखते ही बोले, ‘अंकल हम तो आपके नाती-पोते की तरह हैं। रुपये और जेवर कहां रखे हैं? बुजुर्ग ने 25000 दे दिए तो जाते समय बदमाशों ने रकम निकलवाने के लिए बेहद शातिराना दांव चला। कहा-अंकल अपने पास छोटी करेंसी है...चाहिए क्या?
क्या कुछ हुआ...बुजुर्ग की जुबानी
शुक्ला बताते हैं कि शुक्रवार रात करीब दो बजे थे। इसी बीच कुछ आहट हुई। नींद खुलते ही बेडरूम से बाहर निकला तो सामने चार बदमाश थे। बदमाशों के देखकर होश उड़ गए। पर वे चारों भी हमें देखकर अचकचा गए। गनीमत रही कि चारों ने जोर-आजमाइश नहीं की।
पर हम कुछ कर या समझ पाते सबसे चौंकाने वाली बात हुई। एक ने मुझे अंकल कहकर बुलाया। को-ऑपरेट करने की बात कहते हुए कुर्सी पर बैठा लिया। करीब सवा घंटे तक बदमाश बतियाते रहे।
आप लोग गलत जगह आ गए...
बदमाशों ने जेवर और रुपयों के बारे में पूछा। हमने बताया कि हम तो पत्नी के साथ नोएडा में बेटी के पास रहते हैं। दो-चार महीने में कुछ दिन के लिए घर आते हैं। इसलिए यहां घर पर जेवर और रुपये नहीं रहते।
रोजाना के खर्च के लिए जितनी रकम की जरूरत है, उतना ही आलमारी में है। इसके बाद खुद ही चाबी से आलमारी खोली और उसमें रखे 25 हजार रुपये बदमाशों को निकालकर दे दिए।
इसपर मुंह से निकल गया-आप लोग गलत जगह आ गए हो। बदमाश चले गए तो मैंने राहत की सांस ली और पुलिस कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी।
मुझे धुंधला दिखता है। जब बेडरूम से बाहर आय तो कुछ सेकंड तो सामने खड़े बदमाशों के अस्पष्ट चेहरे ही नजर आए। शोरगुल और हंगामा नहीं किया जिससे शायद बदमाश भी नजर कमजोर होने की बात जान गए और उन्होंने बल प्रयोग नहीं किया। अगर बदमाशों को सहयोग न करता तो शायद किसी कोने में पड़ा होता।
रुपये न मिलने पर मुखबिर को कोसा
मेरे घर से बदमाशों को डेढ़ से दो लाख रुपये नकद मिलने की उम्मीद थी। मामूली रकम मिलने पर उन्हें मायूसी हुई। बदमाश बातचीत के दौरान मुखबिर को कोस भी रहे थे।
गोमतीनगर पुलिस के मुताबिकबदमाशों ने खिड़की में लगे पेंच खोलकर ग्रिल निकाल ली और वहीं से भीतर घुस गए। देवी शंकर शुक्ला से आमना-सामना होने से पहले शायद बदमाशों ने पूरे मकान का जायजा ले लिया था। उनका कहना है कि बदमाश शायद छत के रास्ते से भीतर आए थे।
वीआईपी इलाके में बदमाशों की सूचना से पुलिस के उड़े होश
वीआईपी इलाके में बदमाशों की सूचना ने पुलिस के होश उड़ा दिए। दस मिनट के भीतर मॉडर्न कंट्रोलरूम और गोमतीनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव भी आ गए। जिस जगह रिटायर्ड सीएमएस का मकान है, उसके सामने ही रिटायर्ड जज रहते हैं।
आसपास कई अफसरों और कारोबारियों के घर हैं। सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण करके रिटायर्ड सीएमएस से एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर देने को कहा है।
रिटायर्ड सीएमएस घर पर अकेले थे। 21 नवंबर को ही देवी शंकर शुक्ला यहां आए थे। अगर शुक्ला समझदारी न दिखाते तो उनके साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
बड़ा सवाल : तो क्या नोटबंदी के चलते बदमाशों ने अपना ट्रेंड बदला?