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UP: श्रावस्ती लोकसभा सीट बनी खास, यहां पीएम मोदी के साथ ही सीएम योगी ने भी की तीन सभाएं, अब मतदाता की बारी

Fri, 24 May 2024 11:25 AM IST
ishwar ashish संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर
संजय तिवारी, अमर उजाला, बलरामपुर Published by: ishwar ashish Updated Fri, 24 May 2024 11:25 AM IST
सार

श्रावस्ती एकमात्र ऐसी सीट है जहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा की, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दौरे कर सियासी पारा गरमाए रखा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी तीन जनसभाएं कीं तो बसपा मुखिया मायावती ने भी हुंकार भरी।

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Loksabha Election 2024: Shravasti loksabha seat becomes very special, read here.
श्रावस्ती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : भाजपा के BJP4India के एक्स अकाउंट से

विस्तार

देवीपाटन मंडल में श्रावस्ती संसदीय सीट सबसे खास बन गई है। यह एक मात्र सीट रही जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा की, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दौरे कर सियासी पारा गरमाए रखा। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी तीन जनसभाएं कीं तो बसपा मुखिया मायावती ने भी हुंकार भरी। इसके साथ ही अपना दल की मुखिया अनुप्रिया पटेल ने भी दो स्थानों पर सभाएं कर पिछड़े मतदाताओं को सहेजने का प्रयास किया। अब सियासी लड़ाकों के भाग्य विधाता की बारी है जो वोट की चोट से किस्मत का फैसला लिखेंगे।

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यह संसदीय सीट भाजपा के साथ ही सपा व बसपा के लिए खास अहमियत रखती है। भाजपा इस सीट को अयोध्या के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़कर देख रही है। भाजपा ने श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के बेटे साकेत मिश्र को यहां से उतार कर सीट को विशेष का दर्जा दिया है। इसलिए पूरी ताकत लगाए हुए है, वहीं सपा सीट को बरकरार रखने की कोशिश में है। कारण साल 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने यह सीट बसपा को गठबंधन में दी थी और गठबंधन के प्रत्याशी राम शिरोमणि वर्मा जीते थे। इस बार फिर सपा ने उन्हीं को मैदान में उतारा है।
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दोनों दलों की रस्साकशी में बसपा ने मुस्लिम मतदाताओं को विकल्प देते हुए मोइनुद्दीन खान उर्फ हाजी दद्दन खां को उतारकर पार्टी के सांसद को सबक सिखाने और साल 2019 का इतिहास दोहराने का दांव चला। इसी नाते बसपा मुखिया ने केवल इसी संसदीय सीट पर जनसभा भी की। यहां के सियासी रण को राष्ट्रीय नेताओं ने खूब मथा। चुनावी दौर के आखिरी समय में भी पार्टियों ने बड़े स्तर पर जोर लगाए रखा है।

कई दिग्गज सियासी रण से रहे बाहर
- श्रावस्ती संसदीय क्षेत्र के कई दिग्गज इस बार सियासी मैदान से बाहर ही रहे। सपा के दिग्गज डा. शिव प्रताप यादव का तो इसी साल 26 जनवरी को निधन हो गया था। पूर्व सांसद रिजवान जहीर हत्या के एक मामले में ललितपुर जेल में निरुद्ध हैं। पूर्व सांसद विनय कुमार पांडेय भी नामांकन के दौर में तो गोंडा जेल में एक मामले में निरुद्ध थे और बाद में जमानत पर छूटे। वह भी मैदान में नहीं दिखे।  

श्रावस्ती संसदीय सीट पर एक नजर
कुल मतदाता -- 19,80,381
पुरुष मतदाता -- 10,58,663
महिला मतदाता -- 9,21, 664
थर्ड जेंडर : 54

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