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Lucknow: लखनऊ ने धुरंधरों को सिखाई राजनीति की 'तहजीब', फिल्मों की चकाचौंध भी नहीं आई रास, एक रिपोर्ट
Fri, 22 Mar 2024 06:24 PM IST
ishwar ashish
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 22 Mar 2024 06:24 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद लखनऊ के मतदाता सांसद चुनते हैं। कई बार उन्हें फिल्मों की चकाचौंध भी रास नहीं आई और बाहरी दिग्गजों को भी वापसी का रास्ता दिखाया।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
नवाबों की नगरी लखनऊ यूं ही सबसे अलग नहीं है। सिर्फ खानपान और तहजीब ही नहीं बल्कि यहां के लोग सीरत पसंद भी हैं। लखनऊ के मतदाता प्रत्याशियों का चयन समझदारी से करते हैं। सभी दलों के उम्मीदवारों का बारीकी से मूल्यांकन के बाद ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। यही वजह है कि उन्होंने फिल्म जगत की चकाचौंध को भी दरकिनार कर दिया और कई धुरंधरों को वापसी का रास्ता दिखाया।
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- लखनऊ लोकसभा सीट पर हर क्षेत्र के दिग्गजों ने अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि उन्हें लखनऊ की जनता ने स्वीकार नहीं किया। इससे दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर फिल्मी दुनिया के मुजफ्फर अली, जावेद जाफरी और राज बब्बर, पूर्व मिस इंडिया नफीसा अली, मशहूर वकील राम जेठमलानी और कश्मीर के राजघराने से डॉ. कर्ण सिंह को भी जनता ने स्वीकार नहीं किया। इसकी वजह से इन लोगों को हारकर वापस जाना पड़ा।
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- नवाबों के शहर ने कई मशहूर संगीतकारों, अभिनेताओं, शायरों, गायकों और खान-पान के विशेषज्ञों को भी अपनी ओर खींचकर रखा। वर्ष 1967 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी आनंद नारायण मुल्ला को लोकसभा भेजा। वह हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के अलावा मशहूर शायर भी थे। आनंद नारायण मुल्ला ने कांग्रेस के वीआर मोहन और जनसंघ के आरसी शर्मा को मात दी थी। वह भी तब जब इन दोनों प्रत्याशियों का संगठन मजबूत था और हर तरह से साधन संपन्न भी। हालांकि जनता ने दोनों को दरकिनार करते हुए आनंद नारायण को स्वीकार किया था।
लखनऊ पश्चिम से राजनाथ को मिले थे सबसे अधिक वोट
- गंगा जमुनी तहजीब के लिए लखनऊ को जाना जाता है। लखनऊ पश्चिम मुस्लिम बहुल है, लेकिन वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र से सबसे ज्यादा वोट भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह को मिले थे। वहीं, लखनऊ पूर्व में उन्हें 1,47,064, लखनऊ उत्तर से 1,17,873 और कैंट से 1,00,642 वोट मिले।
- इसके अलावा लखनऊ पश्चिम से रीता बहुगुणा जोशी को 65,949, नकुल दुबे को 13,413 और अभिषेक मिश्रा को 11,249 मतों से ही संतोष करना पड़ा था। हालांकि रीता बहुगुणा जोशी को लखनऊ मध्य से 72,390 वोट मिले थे।