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Mohanlalganj: मोहनलालगंज में जातीय समीकरण नहीं साध पाई बसपा, सुरक्षित सीट होने पर भी जीत के लाले

Thu, 04 Apr 2024 12:31 PM IST
ishwar ashish ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान बिहारी मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 04 Apr 2024 12:31 PM IST
सार

मोहनलालगंज में 17,96,780 मतदाताओं में 34.14 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है। यह सुरक्षित सीट है तब भी यहां पर बसपा को जीत नहीं मिल सकी है।

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Loksabha Election 2024: BSP is helpless on Mohanlalganj Loksabha seat 2024.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

सोच...समीकरण और संशय के बीच बसपा ने मोहनलालगंज से पत्ता खोल ही दिया। जातीय समीकरण देखें तो यहां सबसे अधिक 34.14 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है। बसपा इन्हें अपना कैडर वोट समझती हैं, लेकिन हाथी आम चुनाव में यहां से जीत का सफर पूरा नहीं कर सका है। मोहनलालगंज में कुल 17,96,780 मतदाता हैं। इस बार कांग्रेस और भाजपा के साथ ही बसपा मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है। देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार (मनोज प्रधान) क्या जादू करते हैं।

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भाजपा और सपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी की निगाहें बसपा पर थीं। लंबे इंतजार के बाद बसपा ने राजेश कुमार को उम्मीदवार बनाया। राजेश निगोहां के रहने वाले हैं और इससे पहले उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। पिछले दो बार से इस सुरक्षित सीट पर भाजपा का कब्जा है। पार्टी ने फिर से कौशल किशोर को ही मैदान में उतारा है। वहीं, सपा से आरके चौधरी मोर्चा संभाले हैं। वर्ष 2019 के चुनाव में कौशल किशोर ने बसपा और सपा के उम्मीदवार रहे सीएल वर्मा को हराया था। 
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1962 में हुआ था पहला लोकसभा चुनाव
मोहनलालगंज सीट पर पहली बार लोकसभा चुनाव 1962 में हुआ था। तब इस सीट पर कांग्रेस की गंगा देवी ने जीत हासिल की थी। 1967 व 1971 में भी चुनाव जीतकर तीन बार संसद पहुंचीं। वर्ष 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल के राम लाल कुरील ने कांग्रेस को मात देकर जीत दर्ज की। हालांकि वर्ष 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की और पार्टी प्रत्याशी कैलाशपति सांसद चुने गए। कैलाशपति ने राम लाल कुरील को हराया। इसके बाद 1989 में जनता दल ने वापसी की और सीट अपने नाम की। 1989 के बाद से कांग्रेस यहां वापसी नहीं कर पाई।

1991 में भाजपा ने खोला था खाता
मोहनलालगंज सीट पर वर्ष 1991 में पहली बार भाजपा ने खाता खोला। पूर्णिमा वर्मा चुनाव जीतीं। उन्होंने 1996 में भी बाजी मारी। हालांकि इसके बाद सपा ने जोरदार वापसी की और लगातार चार बार मोहनलालगंज की सीट अपने पास रखी। 1998 व 1999 के चुनाव में सपा प्रत्याशी रीना चौधरी, 2004 में जय प्रकाश रावत और 2009 में सुशीला सरोज को यहां की जनता ने सांसद चुनकर भेजा था। वर्ष 2014 से यह सीट भाजपा के पास है।

विधानसभा सीटें : सिधौली, मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, सरोजनीनगर और मोहनलालगंज
विधानसभा -- मतदाता
मलिहाबाद -- 376802
बीकेटी -- 480884
सरोजनीनगर -- 585430
मोहनलालगंज -- 363664
सिधौली -- 395555

34.14 प्रतिशत आबादी है अनुसूचित जाति की
21,92,335 मतदाता हैं
तीन बार गंगा देवी चुनी गई मोहनलालगंज से सांसद।

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