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'ब्रह्मा शंकर को मंत्री पद से हटाकर हो जांच'

Tue, 29 Oct 2013 11:58 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Tue, 29 Oct 2013 11:58 PM IST
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lokayukta enquiry case against brahma shankar

सरकारी जमीन पर कब्जे और विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में प्रदेश के होमगार्ड एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी पर शिकंजा कस रहा है।

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शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि मंत्री गवाहों के बयान नहीं होने दे रहे हैं।

सजातीय अफसर उनके प्रभाव में हैं जो निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे।

शिकायतकर्ता ने उन्हें मंत्री पद से हटाकर जांच कराने का अनुरोध किया है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

उधर, जिला प्रशासन भी मंत्री के मामले में रिपोर्ट भेजने में हीलाहवाली कर रहा है। शिकायत के साथ हलफनामा देने वालों के बयान तक नहीं भेजे गए हैं।

बिंदुवार विस्तृत रिपोर्ट भेजने के बजाय जिला प्रशासन ने सिर्फ यह लिखकर भेजा है कि मंत्री ने कोई कब्जा नहीं किया है।

जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजने के लिए बुधवार तक का वक्त दिया गया है। इसके बाद अफसरों को समन जारी करके तलब किया जाएगा।

कुशीनगर की कसया तहसील के मैनपुर निवासी राजेश राय ने लोकायुक्त के समक्ष ब्रह्मा शंकर की शिकायत करके कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

राय के मुताबिक कैबिनेट मंत्री ने विधायक और मंत्री पद का दुरुपयोग कर ग्राम सभाओं की जमीन गलत ढंग से अपने तथा परिवार की देखरेख में संचालित संस्थाओं के नाम कराई है।
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इसमें कुशीनगर के पथिक निवास से बुद्ध स्तूप तक जाने वाली सड़क के किनारे अनरुधवा की बंजर भूमि खास है। इसकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

इसी तरह कुछ ऐसी संस्थाओं के नाम जमीन दर्ज कराने का आरोप है जो उनसे और उनके परिवार से जुड़े लोगों द्वारा संचालित हैं।

इनमें भैसहां गांवसभा की नवीन परती और बंजर की जमीन शामिल है। इन्हें परमेश्वर महाविद्यालय नौतन हथियागढ़ के नाम दर्ज कराने का आरोप है।

ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के खिलाफ औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर जांच शुरू करने से पहले लोकायुक्त ने डीएम से आरोपों की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है।

साथ ही शिकायत के साथ हलफनामा देने वाले सात लोगों का बयान दर्ज करने को भी कहा है।

जिलाधिकारी की ओर से लोकायुक्त को जांच और बयान दर्ज कर लेने की सूचना तो भेज दी गई है लेकिन इसका ब्यौरा नहीं भेजा गया है।

शिकायत में जिन जमीनों पर कब्जे का जिक्र है उसके बारे में डीएम की रिपोर्ट में कोई उल्लेख नहीं है।

बुधवार तक जांच रिपोर्ट और बयानों की प्रतियां देने को कहा गया है। इसके परीक्षण के बाद ही जांच शुरू करने का निर्णय होगा।

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