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निषाद पार्टी के गठबंधन से अलग होते ही सपा ने खेला निषाद कार्ड, रामभुआल समेत ये प्रत्याशी बदले
Sun, 31 Mar 2019 05:38 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 31 Mar 2019 05:38 AM IST
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फाइल फोटो
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निषाद पार्टी के सपा-बसपा गठबंधन से अलग होने के 12 घंटे बाद ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निषाद कार्ड खेलते हुए गोरखपुर से राम भुआल निषाद और कानपुर से रामकुमार निषाद को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा सपा ने मुरादाबाद से अपना उम्मीदवार बदल दिया है।
पहले नासिर कुरैशी को मुरादाबाद से प्रत्याशी घोषित किया गया था। उनके स्थान पर अब डॉ. एस.टी. हसन को उम्मीदवार बनाया गया है।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर उपचुनाव सपा के सिंबल पर लड़कर लोकसभा में पहुंचे थे।
निषाद पार्टी का 26 मार्च को सपा के साथ गठबंधन हुआ था लेकिन संजय निषाद वे 72 घंटे में गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सुनील बंसल और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील से मिलकर एनडीए में शामिल होने की सहमति दी।
संजय निषाद के गठबंधन से अलग होने के 12 घंटे बाद ही सपा ने उनके बेटे व गोरखपुर से सांसद प्रवीण निषाद का टिकट काटकर कौड़ाराम से दो बार बसपा विधायक रहे राम भुआल निषाद को प्रत्याशी घोषित कर दिया। रामभुआल पिछला विधानसभा चुनाव गोरखपुर जिले की चिल्लूपार सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में लड़े थे। उन्हें 55 हजार से अधिक वोट मिले थे।
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पहले नासिर कुरैशी को मुरादाबाद से प्रत्याशी घोषित किया गया था। उनके स्थान पर अब डॉ. एस.टी. हसन को उम्मीदवार बनाया गया है।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर उपचुनाव सपा के सिंबल पर लड़कर लोकसभा में पहुंचे थे।
निषाद पार्टी का 26 मार्च को सपा के साथ गठबंधन हुआ था लेकिन संजय निषाद वे 72 घंटे में गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया। शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सुनील बंसल और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील से मिलकर एनडीए में शामिल होने की सहमति दी।
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संजय निषाद के गठबंधन से अलग होने के 12 घंटे बाद ही सपा ने उनके बेटे व गोरखपुर से सांसद प्रवीण निषाद का टिकट काटकर कौड़ाराम से दो बार बसपा विधायक रहे राम भुआल निषाद को प्रत्याशी घोषित कर दिया। रामभुआल पिछला विधानसभा चुनाव गोरखपुर जिले की चिल्लूपार सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में लड़े थे। उन्हें 55 हजार से अधिक वोट मिले थे।
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गोरखपुर के साथ ही सपा ने कानपुर से भी निषाद समाज के रामकुमार को उम्मीदवार बनाया है। रामकुमार के पिता मनोहर लाल कानपुर से सांसद और इससे पहले विधायक व प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
रामकुमार के छोटे भाई दीपक कुमार उन्नाव सदर से 4 बार विधायक और उन्नाव से सांसद रह चुके हैं। दीपक कुमार का 2014 में निधन हो गया था। सपा ने उन्नाव लोकसभा सीट से पूजा पाल को टिकट दिया है। इस तरह से इन दोनों सटी हुई लोकसभा सीटों पर पिछड़ा समीकरण बनाने की कोशिश की है।
रामकुमार के छोटे भाई दीपक कुमार उन्नाव सदर से 4 बार विधायक और उन्नाव से सांसद रह चुके हैं। दीपक कुमार का 2014 में निधन हो गया था। सपा ने उन्नाव लोकसभा सीट से पूजा पाल को टिकट दिया है। इस तरह से इन दोनों सटी हुई लोकसभा सीटों पर पिछड़ा समीकरण बनाने की कोशिश की है।