यूपी में हर चरण के साथ घट रहा मतदाताओं में उत्साह, कम वोटिंग ने प्रत्याशियों में बढ़ाई बेचैनी
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वजह जो भी हो, प्रदेश में हर चरण में मतदान के प्रति उत्साह कम होता जा रहा है। पहले चरण में जहां 63.88 फीसदी मतदान हुआ, वहीं दूसरे चरण में वोटिंग लगभग डेढ़ फीसदी गिरकर 62.39 प्रतिशत रह गई। तीसरे चरण में मंगलवार को 10 सीटों पर 60.52 प्रतिशत मतदाता ही घरों से निकलकर बूथों तक पहुंचे।
मतदान के प्रति जागरूकता अभियानों व साक्षरता दर बढ़ने के बावजूद वोटिंग में बढ़ोतरी के बजाय गिरावट का रुझान है। वर्ष 2014 में भी इसी मौसम में चुनाव हुआ था लेकिन तब की तुलना में मतदान कम हुआ है।
दूसरे चरण में पहले चरण से कम मतदान हुआ था। अब तीसरे चरण में दूसरे चरण से कम मतदाता घरों से निकले। वर्ष 2014 की तुलना में 6 सीटों पर मतदान में गिरावट आई है जबकि 4 सीटों पर ज्यादा वोट पड़े। पिछले लोकसभा चुनाव से तुलना करें तो सभी चरणों में बूथों तक मतदाताओं के पहुंचने की तादाद अपेक्षाकृत कम है।
तीसरे चरण की 10 सीटों पर ये रहा मतदान का हाल
जहां तक तीसरे चरण की 10 सीटों पर सोमवार को हुए मतदान का सवाल है, इनमें 6 सीटों, फिरोजाबाद, संभल, मैनपुरी, एटा, बदायूं और आंवला में अपेक्षाकृत कम वोटिंग हुई है।
हालांकि, 4 सीटों मुरादाबाद, रामपुर, बरेली व पीलीभीत में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। पांच सीटों पर 60 फीसदी से कम वोट पड़े हैं जबकि पांच फर्स्ट डिवीजन से पास हुईं।