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काशी में मोदी व लखनऊ में राजनाथ के खिलाफ प्रत्याशी पर सपा में की जा रही माथापच्ची

Wed, 03 Apr 2019 12:32 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Wed, 03 Apr 2019 12:32 AM IST
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lok sabha 2019 : brain storming in samajwadi party for candidates on lucknow and varanasi
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लखनऊ में राजनाथ सिंह के खिलाफ उम्मीदवार के चयन को लेकर गठबंधन, खासतौर से सपा में लगातार माथापच्ची चल रही है। दोनों लोकसभा सीटों पर सपा बड़े चेहरों को लाने के विकल्प पर काम कर रही है। सपा की नजर कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा पर भी टिकी है।
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वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं। भाजपा ने उन्हें इस सीट से फिर उम्मीदवार बनाया है। प्रधानमंत्री की संसदीय सीट होने के कारण वाराणसी पर देश-विदेश की नजरें टिकी हुई हैं। पिछली बार यहां मोदी को 5.81 लाख (56 फीसदी) मत मिले थे। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल दूसरे नंबर पर रहे थे। तीसरे और चौथे नंबर पर क्रमश: कांग्रेस व बसपा थी। सपा प्रत्याशी पांचवें स्थान पर था। 
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इस बार सपा-बसपा का गठबंधन है। सपा की कोशिश है कि पीएम मोदी को वाराणसी में चुनौती दी जाए। सपा अभी तय नहीं कर पाई है कि मोदी के सामने किसे उतारा जाए? काशी की स्थानीय इकाई ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल को उम्मीदवार बनाए जाने की सिफारिश की है। इस पर सपा कोई फैसला नहीं कर पाई है। 
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वाराणसी में सातवें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होगा। नामांकन पत्र 22 से 29 अप्रैल तक दाखिल किए जाएंगे। इसलिए अभी राजनीतिक दलों के पास बेहतर उम्मीदवारों के चयन के लिए थोड़ा वक्त है। 

कमोबेश वाराणसी जैसी स्थिति ही लखनऊ लोकसभा सीट की भी है। यहां पांचवें चरण में 6 मई को वोट पड़ेंगे। यहां से भाजपा ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को फिर उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार उन्हें 5.61 लाख (54 फीसदी) वोट मिले थे। उनके मुकाबले दूसरे नंबर पर रहीं रीता बहुगुणा जोशी अब भाजपा में है। वह प्रदेश सरकार में मंत्री होने के साथ ही इलाहाबाद से भाजपा की प्रत्याशी भी हैं। 

वर्ष 2014 में लखनऊ में बसपा के नकुल दुबे तीसरे, सपा के अभिषेक मिश्र चौथे और आम आदमी पार्टी के सैयद जावेद जाफरी पांचवें नंबर पर रहे थे। पिछली बार कांग्रेस, बसपा व सपा तीनों ही दलों के प्रत्याशी ब्राह्मण थे। इस बार सपा में फिल्म अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा का भी नाम चला लेकिन उनके नाम पर सहमति नहीं बन पाई है।

शहरी वोटरों की सीट, कांग्रेस पर नजर

वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में तीन शहरी और दो देहात की विधानसभा सीटें आती हैं जबकि लखनऊ में पांचों विधानसभा सीटें शहरी हैं। सपा इन सीटों के शहरी मिजाज को ध्यान में रखकर प्रत्याशी उतारना चाहती है। सपा की नजरें इस बात पर भी टिकी हैं कि कांग्रेस इन सीटों पर किसे उम्मीदवार बनाती है। 

कुछ लोग वाराणसी में पीएम मोदी के सामने संयुक्त प्रत्याशी की पैरोकारी कर रहे हैं, लेकिन इसकी संभावना कम ही दिख रही है। वाराणसी और लखनऊ में तिकोने मुकाबले के आसार लग रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इसका लाभ भाजपा को मिलेगा। भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने वाराणसी से चुनाव लड़ने का एलान किया है लेकिन सपा-बसपा उन्हें समर्थन नहीं देंगी।
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