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Lucknow News: लोहिया संस्थान पता लगाएगा, कितना नुकसान पहुंचा रहा सीसा

Thu, 05 Jun 2025 02:07 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jun 2025 02:07 AM IST
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Lohia Institute will find out how much harm lead is causing
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान गर्भवती महिलाओं, बच्चों के साथ पर्यावरण में फैल रहे सीसे के स्तर की जांच करेगा। पता लगाया जाएगा कि यह कितना नुकसान पहुंचा रहा है।
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इसके लिए संस्थान में बुधवार को विश्व बैंक से वित्तपोषित अनुसंधान परियोजना का शुभारंभ चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेना शर्मा ने किया।
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उन्होंने कहा कि सीसा विषाक्तता विकासशील देशों की गंभीर समस्या है। इससे तंत्रिका, हड्डी और खून से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, गर्भस्थ शिशुओं के मानसिक विकास में सीसा बाधा पैदा करता है। इसके नुकसान का पता लगाने के लिए परियोजना शुरू की जा रही है।
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संस्थान के निदेशक और मुख्य अन्वेषक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि अध्ययन में गर्भवती महिलाओं और 02-14 वर्ष के बच्चों के खून में सीसा का स्तर मापा जाएगा। साथ ही मिट्टी, पेयजल, मसाले, सौंदर्य प्रसाधन, भोजन पकाने के बर्तन जैसे 400 से अधिक पर्यावरणीय नमूने लेकर उनकी जांच सीएसआईआर-आईआईटीआर की प्रयोगशालाओं में की जाएगी। मौके पर डॉ. एसडी कांडपाल, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. मनीष कुलश्रेष्ठ और डॉ. दीप ठक्कर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि कुमारी ने किया।

चरणबद्ध तरीके से होगा अध्ययन

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. विकासेंदु अग्रवाल और सह-अन्वेषक डॉ. अमित कौशिक ने बताया कि परियोजना चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में लागू होगी। पहले चरण में दक्षिणांचल के 20 ग्रामीण, 10 शहरी तथा कानपुर नगर के तीन औद्योगिक क्षेत्रों की 480 गर्भवती महिलाओं, 750 बच्चों और 150 औद्योगिक श्रमिकों के खून के नमूनों की जांच होगी।




प्रदेश में पहला अध्ययन



यूनिसेफ की डॉ. कनुप्रिया सिंघल ने कहा कि बच्चों में सीसा विषाक्तता पर वैश्विक स्तर पर अनेक अध्ययन हो चुके हैं, लेकिन यूपी में इतने बड़े स्तर का शोध पहली बार होने जा रहा है। केजीएमयू की सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं डब्ल्यूएचओ के सलाहकार समूह की प्रथम भारतीय वैज्ञानिक डॉ. शैली अवस्थी ने कहा कि इस अध्ययन से बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होंगे।
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