{"_id":"340007b8b46effbe0162315e5a6b9071","slug":"lmrc-head-should-be-tecnocrate","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेट्रोमैन बोले, LMRC को चाहिए एक टेक्नोक्रेट मुखिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेट्रोमैन बोले, LMRC को चाहिए एक टेक्नोक्रेट मुखिया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 31 Mar 2014 08:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेट्रोमैन ई. श्रीधरन ने लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) के एमडी के पद पर किसी टेक्नोक्रेट की नियुक्ति का सुझाव देकर मौजूदा व्यवस्था के प्रति अपनी असहमति जाहिर कर दी है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक उन्होंने मुख्य सचिव जावेद उस्मानी को इस बारे में पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि इस पद पर किसी ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जानी चाहिए जिसके पास इस तरह के काम का अनुभव हो।
विज्ञापन
उन्होंने परियोजना समय पर और सफलतापूर्वक पूरी किए जाने के लिए काम में राजनीतिक और अफसरों की दखलंदाजी नहीं होने की भी बात कही है।
उधर, एलएमआरसी के सलाहकार मधुकर जेटली ने इस तरह की किसी चिट्ठी को लेकर अनभिज्ञता जताई है।
लेकिन उनका मानना है कि यदि वे एमडी के पद पर किसी टेक्नोक्रेट की नियुक्ति चाहते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है।
उन्हें मेट्रो योजना को लेकर विशेष अनुभव है और इसका लाभ उठाने के इरादे से ही प्रदेश सरकार ने उन्हें इस योजना का प्रमुख सलाहकार नियुक्त किया है।
मेट्रोमैन के इस रुख से मौजूदा एमडी राजीव अग्रवाल की जगह नई नियुक्ति तय मानी जा रही है।
इससे पहले प्रदेश सरकार ने आवास सचिव राजीव अग्रवाल को एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया था।
राजीव के नेतृत्व में ही इस योजना के शुरुआती सर्वेक्षण का काम शुरू किया गया है। प्रमुख सचिव जावेद उस्मानी इस योजना के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति के मुखिया हैं।
विज्ञापन
जावेद उस्मानी निजी कारणों से कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर हैं। लिहाजा नई नियुक्ति को लेकर फैसला होने और नियुक्ति होने में थोड़ा वक्त लग सकता है।
ऐसे में एलएमआरसी का काम थोड़े दिन के लिए प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।
श्रीधरन ने इसी माह की शुरुआत में लखनऊ आकर परियोजना के बारे में अफसरों से चर्चा की थी और कुछ जगहों का दौरा भी किया था।
सूत्रों के मुताबिक वे लखनऊ मेट्रो के लिए अब तक हुई तैयारियों से वे खुश नहीं हैं। उन्होंने रेल विकास निगम लिमिटेड से काम न कराकर डीएमआरसी से कराए जाने का भी सुझाव दिया है।