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तीन थोक कारोबारियों के निरस्त होंगे लाइंसेस
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तीन थोक दवा कारोबारियों के निरस्त होंगे लाइसेंस
एफएसडीए की जांच में मिली थी बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाएं
तीन दिन में 15 दुकानों की हुई पड़ताल, कई को मिली चेतावनी
राजधानी में हो रही प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर एफएसडीए विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तीन दिन में करीब 15 दुकानों की जांच की गई। इस दौरान तीन थोक दवा कारोबारियों के यहां नारकोटिक्स दवाएं पाई गईं। इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही इनके लाइसेंस भी निरस्त करने की तैयारी है। इसके अलावा अन्य स्थानों से दवाओं के सैंपल भी जांच को लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, दवाओं का रखरखाव ठीक न होने पर पांच को चेतावनी भी दी गई है।
‘अमर उजाला’ में एक अगस्त को ‘बस रसीद न मांगो, सभी प्रतिबंधित दवाएं मिलेंगी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद एफएसडीए विभाग सक्रिय हुआ। इससे दवा कारोबारियों में हलचल मच गई। आनन-फानन तमाम दुकानदार प्रतिबंधित दवाएं हटाने लगे। एफएसडीए ने टीमें बनाकर छापामारी शुरू की। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई दुकानों पर प्रतिबंधित दवाएं पाई गईं। कुछ ऐसी भी दवाएं मिलीं, जिन्हें नारकोटिक्स श्रेणी में रखा गया है। इनमें इंप्रालोजाल, ट्रेमाजॉल आदि थीं। विभाग ने तीन थोक कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की कवायद शुरू कर दी है। इन दुकानों की खरीद और बिक्री संबंधी पत्रावलियां जब्त कर दी गई हैं। जांच पूरी होते ही इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।
थोक और फुटकर, दोनों कारोबारी रडार पर
सूत्रों की मानें तो विभाग के रडार पर थोक और फुटकर दोनों कारोबारी हैं। जिन थोक कारोबारियों के यहां प्रतिबंधित दवाएं मिलीं, उनके जरिये इस कारोबार में संलिप्त फुटकर दुकानदारों तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है। फुटकर कारोबारियों के यहां कितनी दवाएं पहुंची हैं और कितनी स्टाक में हैं, इसका डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर कारोबारियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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छह हजार की दवाएं सीज, नमूने लिए
एफएसडीए विभाग की छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को फूड सप्लीमेंट और कुछ प्रतिबंधित दवाओं के साथ धर दबोचा। उसके कब्जे में मिली छह हजार की दवाओं को सीज कर दिया गया है। उसके नमूने जांच को भेजे गए हैं। एफएसडीए के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार और माधुरी सिंह ने तीन सैंपल लिए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जिस कंपनी की ये दवाएं हैं, उसके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
प्रतिबंधित दवाओं को बिकने नहीं दिया जाएगा। मिलावटी कारोबार करने वालों पर भी नकेल कसी जा रही है। इंस्पेक्टरों की टीम गुपचुप तरीके से छापामारी कर रही है। तीन दिन में करीब 15 से ज्यादा दुकानों की जांच की गई है। इस दौरान तीन दुकानों पर गड़बड़ी मिली है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
- रमाशंकर, असिस्टेंट कमिश्नर एफएसडीए
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एफएसडीए की जांच में मिली थी बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाएं
तीन दिन में 15 दुकानों की हुई पड़ताल, कई को मिली चेतावनी
राजधानी में हो रही प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर एफएसडीए विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तीन दिन में करीब 15 दुकानों की जांच की गई। इस दौरान तीन थोक दवा कारोबारियों के यहां नारकोटिक्स दवाएं पाई गईं। इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही इनके लाइसेंस भी निरस्त करने की तैयारी है। इसके अलावा अन्य स्थानों से दवाओं के सैंपल भी जांच को लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, दवाओं का रखरखाव ठीक न होने पर पांच को चेतावनी भी दी गई है।
‘अमर उजाला’ में एक अगस्त को ‘बस रसीद न मांगो, सभी प्रतिबंधित दवाएं मिलेंगी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद एफएसडीए विभाग सक्रिय हुआ। इससे दवा कारोबारियों में हलचल मच गई। आनन-फानन तमाम दुकानदार प्रतिबंधित दवाएं हटाने लगे। एफएसडीए ने टीमें बनाकर छापामारी शुरू की। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई दुकानों पर प्रतिबंधित दवाएं पाई गईं। कुछ ऐसी भी दवाएं मिलीं, जिन्हें नारकोटिक्स श्रेणी में रखा गया है। इनमें इंप्रालोजाल, ट्रेमाजॉल आदि थीं। विभाग ने तीन थोक कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की कवायद शुरू कर दी है। इन दुकानों की खरीद और बिक्री संबंधी पत्रावलियां जब्त कर दी गई हैं। जांच पूरी होते ही इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।
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थोक और फुटकर, दोनों कारोबारी रडार पर
सूत्रों की मानें तो विभाग के रडार पर थोक और फुटकर दोनों कारोबारी हैं। जिन थोक कारोबारियों के यहां प्रतिबंधित दवाएं मिलीं, उनके जरिये इस कारोबार में संलिप्त फुटकर दुकानदारों तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है। फुटकर कारोबारियों के यहां कितनी दवाएं पहुंची हैं और कितनी स्टाक में हैं, इसका डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर कारोबारियों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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छह हजार की दवाएं सीज, नमूने लिए
एफएसडीए विभाग की छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को फूड सप्लीमेंट और कुछ प्रतिबंधित दवाओं के साथ धर दबोचा। उसके कब्जे में मिली छह हजार की दवाओं को सीज कर दिया गया है। उसके नमूने जांच को भेजे गए हैं। एफएसडीए के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार और माधुरी सिंह ने तीन सैंपल लिए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं जिस कंपनी की ये दवाएं हैं, उसके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
प्रतिबंधित दवाओं को बिकने नहीं दिया जाएगा। मिलावटी कारोबार करने वालों पर भी नकेल कसी जा रही है। इंस्पेक्टरों की टीम गुपचुप तरीके से छापामारी कर रही है। तीन दिन में करीब 15 से ज्यादा दुकानों की जांच की गई है। इस दौरान तीन दुकानों पर गड़बड़ी मिली है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
- रमाशंकर, असिस्टेंट कमिश्नर एफएसडीए