शिक्षामित्रों के लिए आई वेतन से जु़ड़ी एक और बुरी खबर
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राज्य सरकार शिक्षा मित्रों के मामले में जल्द ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र भेजकर टीईटी से छूट मांगने की तैयारी में जुट गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया है।
वहीं, न्याय विभाग से राय न मिलने की वजह से सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षा मित्रों को वेतन देने के संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उधर, शिक्षक बनने वाले शिक्षा मित्र जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर वेतन देने का दबाव बना रहे हैं।
राज्य सरकार शिक्षा मित्रों के मामले में एनसीटीई से राहत लेना चाहती है। उत्तराखंड व महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए एनसीटीई को पत्र भेजने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डिम्पल वर्मा ने बैठक की। इसके बाद देर शाम मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के यहां भी बैठक हुई।
जानकारों के मुताबिक जल्द ही शिक्षा मित्रों के मामले में एनसीटीई को पत्र भेजते हुए टीईटी में छूट देने का अनुरोध किया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि एनसीटीई से उसे राहत मिल जाएगी। शिक्षा मित्रों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने भी हमदर्दी दिखाते हुए कहा है कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
बाराबंकी जिले में वेतन के मुद्दे को लेकर शिक्षामित्र संघ के एक प्रतिनधि मंडल ने मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी से भेंट की। शिक्षामित्रों ने मांगों का ज्ञापन दोनों अधिकारियों को सौंपा है। संघ के जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा ने अफसरों को बताया कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है।
जब इस बाबत लेखाधिकारी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रांट न होने की वजह से वेतन नहीं भेजा जा रहा है। जैसे ही धनराशि आ जाएगी, शिक्षामित्रों के खाते में पैसा भेज दिया जाएगा। इस मौके पर अनिल शर्मा, राजवीर सिंह, रामशंकर राठौर आदि मौजूद रहे।
जबकि बलहा और नवाबगंज के शिक्षामित्रों और समायोजित शिक्षकों की बैठक मंगलवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र पर हुई। बैठक में पांच अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा तय की गई। संघ नेताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों का 15 वर्ष का परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा। संघर्ष से सभी हक और अधिकार हासिल किए जाएंगे।
दिल्ली में प्रदर्शन करने जाएंगे शिक्षामित्र
शिक्षामित्र संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक बीआरसी केंद्र बलहा में राहुल पांडेय की अध्यक्षता में हुई। संघ के नेता रिजवान अली ने शिक्षामित्रों को अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए भारी संख्या में 5 अक्तूबर को दिल्ली चलने को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र व समायोजित शिक्षक मनोयोग से विद्यालय में शिक्षण का कार्य करते रहेंगे। शिक्षामित्रों का 15 वर्ष से चल रहा परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा।
इस मौके पर ब्लॉक के सभी शिक्षामित्र मौजूद रहे। वहीं, विकासखंड नवाबगंज के ब्लॉक संसाधन केंद्र बाबागंज में संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा की बैठक ब्लॉक प्रभारी विनोद गिरि व युगुल किशोर वर्मा के नेतृत्व में हुई।
बैठक में पांच अक्तूबर को दिल्ली में जंतर मंतर पर आयोजित धरने में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने की रूपरेखा तय की गई।
शिक्षामित्रों के एक गुट ने किया बहिष्कार, दूसरे ने की ड्यूटी
वहीं, बहराइच जिले में प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्र और समायोजित शिक्षकों की भी पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है लेकिन चुनाव ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्र दो धड़ों में बंट गए हैं।
शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति ने चुनाव ड्यूटी करने की घोषणा की है। वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले एक गुट ने मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार किया। साथ ही चुनाव ड्यूटी का पत्रक बीआरसी पर लौटाने की घोषणा की है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी को पीठासीन व द्वितीय पीठासीन अधिकारी बनाया गया है लेकिन न्यायालय का फैसला आने के बाद से शिक्षामित्र नौकरी को लेकर असमंजस में हैं।
सरकार साथ होने की बात तो कह रही है, लेकिन प्रथम चक्र में समायोजित शिक्षकों के वेतन रोकने की अफवाहों के बीच शिक्षामित्र बंट गए हैं।
400 शिक्षामित्रों ने चुनावी ड्यूटी का किया बहिष्कार
मंगलवार को शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष दीनानाथ दीक्षित, मंत्री व प्रवक्ता बलराम बाजपेई की अगुवाई में एक गुट ने चुनाव ड्यूटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वहीं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने काफी संख्या में दोपहर में बीएसए कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी करते हुए चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार किया।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र ने कहा कि जब विभाग उन्हें शिक्षक नहीं मानता है तो फिर चुनाव ड्यूटी में क्यों लगाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एक स्वर से चुनाव ड्यूटी पत्रक बीआरसी केंद्रों पर लौटाने का संकल्प लिया। इसके बाद बीएसए को पत्र भी सौंपा।
इस दौरान कमलेश वर्मा, अवधेश वर्मा, शेषराज तिवारी, अशोक जायसवाल, रामगोपाल, संतोष वर्मा, जफीर आलम, प्रह्लाद आदि मौजूद रहे। प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र ने बताया कि 400 शिक्षामित्रों ने चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करते हुए मंगलवार को ड्यूटी पत्रक वापस किया।