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विकास दुबे के परिजनों के बचाव में उतरे एमएलसी उमेश द्विवेदी, सीएम योगी को लिखा पत्र
Tue, 16 Mar 2021 08:43 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 16 Mar 2021 08:43 PM IST
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उमेश द्विवेदी
- फोटो : अमर उजाला
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एमएलसी उमेश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर पुलिस पर विकास दूबे के परिजनों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस इन लोगों को फर्जी मुकदमे के आधार पर फंसाया जा रहा है और इन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुकदमे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। लेकिन दोषी किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे।
बता दें कि कानपुर के बिकरू कांड में तीन जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने गिरोह के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। कुछ दिन बाद पुलिस ने दस जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था।
वहीं, बिकरू कांड के बाद अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की जांच में 12 लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक दोषी पाए गए हैं। इन्होंने विकास दुबे के वर्चस्व की वजह से अपने कार्य को ठीक से अंजाम नहीं दिया।
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इनमें बिल्हौर के राजस्व निरीक्षक रामलखन, बिकरू के लेखपाल ऋषभ दुबे, तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल अनिल कुमार, रामेश्वर दयाल, सुशील कुमार, बालादीन, रामकिशोर, रवि प्रकाश, अकबरपुर तहसील के लेखपाल कमलेश कुमार, अनिल कुमार, सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक प्रकाश नारायण अवस्थी शामिल हैं। ऋषभ दुबे, अनिल कुमार, सुशील कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इनमें कुछ लेखपाल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन पर किस तरह की कार्रवाई की जाए, यह विचार किया जा रहा है।
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बता दें कि कानपुर के बिकरू कांड में तीन जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने गिरोह के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। कुछ दिन बाद पुलिस ने दस जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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वहीं, बिकरू कांड के बाद अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की जांच में 12 लेखपाल और एक राजस्व निरीक्षक दोषी पाए गए हैं। इन्होंने विकास दुबे के वर्चस्व की वजह से अपने कार्य को ठीक से अंजाम नहीं दिया।
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इनमें बिल्हौर के राजस्व निरीक्षक रामलखन, बिकरू के लेखपाल ऋषभ दुबे, तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल अनिल कुमार, रामेश्वर दयाल, सुशील कुमार, बालादीन, रामकिशोर, रवि प्रकाश, अकबरपुर तहसील के लेखपाल कमलेश कुमार, अनिल कुमार, सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक प्रकाश नारायण अवस्थी शामिल हैं। ऋषभ दुबे, अनिल कुमार, सुशील कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इनमें कुछ लेखपाल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन पर किस तरह की कार्रवाई की जाए, यह विचार किया जा रहा है।