जंगली जानवरों के हमले से बचाएगी 'तेंदुआ एक्सप्रेस', वन विभाग की अनूठी पहल
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बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं के हमले से बचाव के लिए वन विभाग ने तेंदुआ एक्सप्रेस वाहन तैयार किया है। यह वाहन जंगल से सटे गांवों में जाकर लोगों को हमले के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही हमले में घायल होने वाले लोगों का त्वरित इलाज करेगा। इसके लिए सभी रेंजों के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। बचाव के लिए एक्सप्रेस वाहन संरक्षित वन क्षेत्र के सात रेंजों के गांवों में जाएगा।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वन्यजीव प्रभाग सात रेंजों में विभक्त है लेकिन जंगल से सटे गांवों में इस समय तेंदुआ और बाघ के हमले काफी बढ़ गए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगली जीवों के हमले की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसे में मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने अनूठी पहल की है।
प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों को तेंदुओं के हमले से बचने व जंगली जीवों से दूर रहने के लिए तेंदुआ एक्सप्रेस वाहन तैयार किया गया है। यह वाहन 20 अप्रैल तक गांवों के साथ विद्यालयों में गोष्ठी व परिचर्चा का आयोजन कर तेंदुए के हमले से बचाव की जानकारी देगा।
उन्होंने कहा कि तेंदुआ एक्सप्रेस वाहन को जंगल से सटे गांवों में ले जाने और ग्रामीणों को जागरूक करने के दिशा निर्देश सभी सात रेंजों के अधिकारियों को दे दिया गया है। इस वाहन पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को हमले के प्रति सजग करने, समूहों में खेतों पर जाने, जानवरों के होने पर वनाधिकारियों को सूचना देने की जानकारी दी जाएगी। इसकी शुरुआत कर दी गई है।
इस तरह पूरा करेगा काम
एसडीओ यशवंत सिंह ने बताया कि तेंदुआ एक्सप्रेस वाहन से ग्रामीणों को त्वरित इलाज का भी लाभ मिलेगा। तेंदुए के हमले में घायल होने वाले ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत देखकर सीएचसी या जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
इन रेंज के गांवों में जाएगा तेंदुआ एक्सप्रेस
मामले पर डीएफओ कतर्नयाघाट जीपी सिंह का कहना है कि बदल रहे मौसम में ग्रामीणों को तेंदुओं के हमले से बचाव व संघर्ष को रोकने के लिए संरक्षित वन क्षेत्र के सभी रेंजों को कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इनमें कतर्नियाघाट, ककरहा, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, धर्मापुर, मोतीपुर और सुजौली रेंज शामिल हैं। इन रेंज से सटे गांवों में शिविर लगेंगे।