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लीज रिन्यूअल के लिए आईटी से मांगे 55 लाख
ऋषि मिश्र/लखनऊ
Updated Mon, 11 Nov 2013 12:12 PM IST
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अपने 125 साल पूरा होने का जश्न मना चुके आईटी कॉलेज के प्रबंधन के लिए अब थोड़ी दुविधा का वक्त है।
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कॉलेज को नजूल से मिली 48 बीघा जमीन की 90 साल पुरानी लीज समाप्त हो चुकी है।
एलडीए ने साफ कर दिया है कि लीज नवीनीकरण के नियमों के मुताबिक, कुल जमीन के सर्किल रेट के हिसाब से 15 प्रतिशत धन जो कि, लगभग 55 लाख रुपये है, कॉलेज प्रबंधन को प्राधिकरण में जमा करना पड़ेगा।
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इसके साथ ही फैजाबाद रोड को मास्टर प्लान के हिसाब से एक तरफ से 30 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसलिए रोड बाइंडिंग में आने वाली भूमि भी कॉलेज को छोड़नी पड़ेगी।
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इसके बाद ही लीज का रिन्यूअल होगा। प्राधिकरण के हाथ खड़ा करने के बाद कॉलेज प्रबंधन इस मुद्दे को लेकर अब शासन में गया है। एलडीए ने भी गेंद शासन के पाले में डाल दी है।
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मालूम हो कि शहर में केवल लड़कियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज आईटी कॉलेज ही है। जिसको फैजाबाद रोड पर लखनऊ यूनिवर्सिटी के नजदीक लड़कियों के कॉलेज संचालन के लिए 90 साल की लीज पर भूमि दी गई थी।
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वर्ष 1922 से लीज का समय शुरू हुआ था। यह भूमि करीब 48 बीघा है। जिस पर कॉलेज का निर्माण किया गया। वर्ष-2012 में यह लीज समाप्त हो गई।
अब आईटी कॉलेज प्रबंधन की ओर से लीज रिन्यूअल के लिए आवेदन लखनऊ विकास प्राधिकरण में किया गया। इसके बाद में लीज रिन्यूअल के नए नियमों से आईटी कॉलेज प्रबंधन को अवगत कराया गया।
संबंधित विभागों से मांगी गई एनओसी
एक अल्पसंख्यक और चैरिटेबल शैक्षणिक संस्थान होने से आईटी कॉलेज की लीज रिन्यूअल में कोई खास दिक्कत नहीं थी। बावजूद प्राधिकरण में इससे संबंधित सभी विभागों से एनओसी मांगी गई।
इसमें अर्जन, नजूल, वित्त, इंजीनियरिंग और नियोजन विभाग की आख्याएं अहम थीं। सभी रिपोर्ट आने के बाद नियोजन और वित्त ने दो बिंदु सामने रखे। नियोजन की ओर से कहा गया कि आईटी कॉलेज की करीब साढ़े तीन बीघा जमीन फैजाबाद रोड के चौड़ीकरण (रोड बाइंडिंग) में है।
इस भूमि को छोड़ना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त वित्त की ओर से लीज रिन्यूअल में प्रीमियम चार्ज की मांग की गई। 48 बीघा भूमि के लिए प्रीमियम चार्ज सर्किल रेट के हिसाब से करीब 55 लाख रुपये की मांग कॉलेज प्रबंधन से की गई। इसे लेकर आईटी कॉलेज का प्रबंधन फिलहाल अपने स्तर से परीक्षण करवा रहा है।
नदवा कॉलेज की नजीर
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि, आईटी कॉलेज को प्रीमियम चार्ज माफ किया जा सकता है। कुछ इसी तरह से जब नदवा कॉलेज की लीज रिन्यू की गई थी, तब भी हुआ था।
शासन ने फैसला करके नदवा कॉलेज को टोकन मनी पर लीज रिन्यू कर दी थी। कुछ ऐसा ही आईटी कॉलेज के साथ भी किया जा सकता है। मगर इसके लिए फैसला स्टेट कैबिनेट के जरिए ही संभव हो सकेगा।
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