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फ्लैट, भूखंड के आवंटन के समय ही बताई जाएगी पूरी कीमत
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बेस प्राइज के साथ अन्य शुल्क बताकर आवंटियों की मुश्किलें की जाएंगीं दूर
एलडीए अब अपने आवंटियों को फ्लैट या भूखंड खरीदने के समय ही सभी शुल्क सहित अनुमानित कीमत बता देगा। ऐसा आवंटियों को होम लोन लेकर रेडी टू मूव फ्लैट खरीदने में आसानी के लिए किया गया है। सचिव पवन गंगवार के आदेश पर संपत्ति विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है।
ओएसडी व प्रभारी संपत्ति डीके सिंह ने बताया कि अब खरीदारों को आवंटन के समय ही बेस प्राइस के अलावा अतिरिक्त शुल्क की जानकारी दी जा रही है। आवंटन से पहले भी अनुमानित कीमत के बारे में बता दिया जाता है। अभी तक आवंटन के समय बेस प्राइस की जानकारी ही आवंटी को दी जाती थी। अतिरिक्त शुल्क जैसे सीवर-वाटर कनेक्शन, फ्रीहोल्ड चार्ज एलडीए रजिस्ट्री के समय बताता था।
क्यों जरूरी है यह व्यवस्था?
एलडीए बिक्री के समय फ्लैट या भूखंड की केवल बेस प्राइस बताता है। पार्किंग, फ्रीहोल्ड शुल्क, कॉर्पस फंड, सीवर-वाटर कनेक्शन आदि चार्ज बाद में बताए जाते हैं। ऐसे में 10 प्रतिशत से अधिक कीमत अतिरिक्त रूप से आवंटी को जमा करनी होती है। कई बार इससे आवंटी पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। बैंक भी ऐसे समय लोन की धनराशि बढ़ाने से हिचकते हैं। उदाहरण के रूप में जनेश्वर एंक्लेव में 72 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति का होमलोन इसी धनराशि का आवंटन पत्र होने की वजह से अधिकतम 80 प्रतिशत तक होता है। वहीं रजिस्ट्री के समय अन्य शुल्क में करीब आठ लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने होते हैं। यह एक बड़ी धनराशि हो जाती है जो कि मध्यम वर्ग परिवार के लिए मुश्किल खड़ी कर देता है।
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रिफंड के प्रकरण कम करने में मिलेगी मदद
एलडीए अधिकारियों का मानना है कि इससे बजट की दिक्कत की वजह से होने वाले रिफंड के केस कम होंगे। हर महीने एलडीए के पास एक दर्जन से अधिक फ्लैटों के रिफंड के आवेदन एलडीए के पास आते हैं। यह एलडीए के बिना बिके फ्लैटों की संख्या में इजाफा ही करा रहा है। सीजी सिटी, पारिजात अपार्टमेंट और सरयू अपार्टमेंट तक इस समस्या को झेल रहे हैं।
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एलडीए अब अपने आवंटियों को फ्लैट या भूखंड खरीदने के समय ही सभी शुल्क सहित अनुमानित कीमत बता देगा। ऐसा आवंटियों को होम लोन लेकर रेडी टू मूव फ्लैट खरीदने में आसानी के लिए किया गया है। सचिव पवन गंगवार के आदेश पर संपत्ति विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है।
ओएसडी व प्रभारी संपत्ति डीके सिंह ने बताया कि अब खरीदारों को आवंटन के समय ही बेस प्राइस के अलावा अतिरिक्त शुल्क की जानकारी दी जा रही है। आवंटन से पहले भी अनुमानित कीमत के बारे में बता दिया जाता है। अभी तक आवंटन के समय बेस प्राइस की जानकारी ही आवंटी को दी जाती थी। अतिरिक्त शुल्क जैसे सीवर-वाटर कनेक्शन, फ्रीहोल्ड चार्ज एलडीए रजिस्ट्री के समय बताता था।
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क्यों जरूरी है यह व्यवस्था?
एलडीए बिक्री के समय फ्लैट या भूखंड की केवल बेस प्राइस बताता है। पार्किंग, फ्रीहोल्ड शुल्क, कॉर्पस फंड, सीवर-वाटर कनेक्शन आदि चार्ज बाद में बताए जाते हैं। ऐसे में 10 प्रतिशत से अधिक कीमत अतिरिक्त रूप से आवंटी को जमा करनी होती है। कई बार इससे आवंटी पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। बैंक भी ऐसे समय लोन की धनराशि बढ़ाने से हिचकते हैं। उदाहरण के रूप में जनेश्वर एंक्लेव में 72 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने वाले व्यक्ति का होमलोन इसी धनराशि का आवंटन पत्र होने की वजह से अधिकतम 80 प्रतिशत तक होता है। वहीं रजिस्ट्री के समय अन्य शुल्क में करीब आठ लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने होते हैं। यह एक बड़ी धनराशि हो जाती है जो कि मध्यम वर्ग परिवार के लिए मुश्किल खड़ी कर देता है।
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रिफंड के प्रकरण कम करने में मिलेगी मदद
एलडीए अधिकारियों का मानना है कि इससे बजट की दिक्कत की वजह से होने वाले रिफंड के केस कम होंगे। हर महीने एलडीए के पास एक दर्जन से अधिक फ्लैटों के रिफंड के आवेदन एलडीए के पास आते हैं। यह एलडीए के बिना बिके फ्लैटों की संख्या में इजाफा ही करा रहा है। सीजी सिटी, पारिजात अपार्टमेंट और सरयू अपार्टमेंट तक इस समस्या को झेल रहे हैं।