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अवैध कॉमर्शियल कांप्लेक्स और बिना पार्किंग के कांप्लेक्स के खिलाफ हाईकोर्ट में बुधवार को अहम फैसला संभव है। करीब 100 अवैध इमारतों की सूची एलडीए हाईकोर्ट के सामने पेश करेगा, जिनमें पार्किंग नहीं है।
इसी बीच बिना पार्किंग के मकान में कॉमर्शियल गतिविधि करने वाले पांच भवनों को एलडीए ने मंगलवार को सील कर दिया। ये सभी इमारतें गोमती नगर फेज-2 में हैं।
सभी के भवन स्वामियों की ओर से सीजेएम कोर्ट से चालान होने के बाद हलफनामा दिया गया था कि वे इसका उपयोग सिर्फ रिहायश के लिए करेंगे। इसके बावजूद कॉमर्शियल निर्माण किया गया।
इस संबंध में प्राधिकरण बुधवार को हाईकोर्ट में सर्वे रिपोर्ट देगा। इसके बाद अभियान शुरू होगा। कई अधिशासी अभियंताओं ने अपने क्षेत्र में करीब ऐसे सौ ऐसे निर्माण सूची में दर्ज कराए हैं, जिनमें मानचित्र में पार्किंग थी, लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अलग है। इस बीच गोमती नगर में पांच इमारतों को सील कर दिया गया।
अधिशासी अभियंता डीसी श्रीवास्तव ने बताया कि हलफनामा के अनुरूप निर्माण न करने और नियमों का उल्लंघन करने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।
कोर्ट में एलडीए की परीक्षा
चीफ इंजीनियर ओपी मिश्र और प्रवर्तन दस्ते के अफसरों की मौजूदगी में तय हुआ कि सभी एक्सईएन सूची मे शामिल ऐसी इमारतों के मालिकों को नोटिस भेजेंगे ताकि, भवन स्वामी अपने स्तर पर इसमें जरूरी बदलाव कर सकें।
अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्किंग स्थल पर हुए निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने एलडीए से ऐसी इमारतों का ब्योरा तैयार करने को कहा है, जिनमें पार्किंग के मानक पूरे नहीं हैं।
इसके अलावा कई अन्य इलाकों में होटल, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, ग्रुप हाउसिंग इमारतों में भी कुछ अन्य निर्माण बिना पार्किंग के हैं। जबकि नक्शे में पार्किंग दिखाई गई है।
ऐसे में यहां आने-जाने वालों के वाहन सड़क पर ही खड़े होते हैं और इस कारण शहर में जाम की समस्या बनी रहती है।