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अपनी टाउनशिप में निजी बिल्डरों के नक्शे पास करेगा एलडीए
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अपनी टाउनशिप में निजी बिल्डरों के नक्शे पास करेगा एलडीए
एलडीए अपनी भविष्य की योजनाओं में निजी बिल्डरों के नक्शे पास कर उन्हें विकास में भागीदार बना सकता है। यह मौका उन्हीं बिल्डरों को मिलेगा, जो अधिग्रहण के पहले ही वहां जमीनें खरीद चुके हैं।
सुल्तानपुर रोड योजना से प्राधिकरण इसकी शुरुआत कर सकता है। यहां एलडीए लैंडपूलिंग से जमीन अधिग्रहण कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुल्तानपुर रोड योजना में कई छोटे-बड़े बिल्डर अपनी आवासीय योजना के लिए जमीनें किसानों से खरीद चुके हैं। ऐसे में योजना में विकास कार्य कराते वक्त परेशानी आ सकती हैं।
ऐसे में उच्च अधिकारियों के सामने प्रस्ताव रखा गया है कि बिल्डरों की जमीनों का अधिग्रहण करने की जगह बाह्य विकास शुल्क व मानचित्र शुल्क लेकर उनका नक्शा पास कर दिया जाए।
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इससे विकास कार्य पूरे कराने में इन बिल्डरों का सहयोग मिल सकेगा। सुल्तानपुर रोड योजना में ही सहारा समूह के अलावा राज इंफ्रा बिल्डर्स के अलावा कई छोटे बिल्डरों की जमीनें हैं।
सहारा समूह की हाइटेक टाउनशिप का लाइसेंस यहां निरस्त हुआ है। वहीं, राज इंफ्रा का इंटीग्रेटेड टाउनशिप का लाइसेंस सहारा को लाइसेंस मिल जाने से स्वीकृत नहीं हो पाया था।
कानूनी विवाद नहीं चाहता एलडीए
अधिकारियों का मानना है कि लैंडपूलिंग के वक्त बिल्डर आसानी से अपनी जमीन नहीं देंगे। ऐसे में कानूनी विवाद भी शुरू हो सकते हैं। इससे योजना के विकास में अधिक समय लग सकता है। इसके उलट एलडीए अगर बिल्डरों का सहयोग विकास में लेगा तो नई योजना पर काम जल्दी शुरू किया जा सकेगा।
अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया
मुख्य नगर नियोजक, एलडीए, नितिन मित्तल ने बताया कि नई योजनाओं में बिल्डरों को भी विकास कार्य कराने और नक्शे स्वीकृत करने का प्रस्ताव है। अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सभी तकनीकी पहलू के आकलन के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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एलडीए अपनी भविष्य की योजनाओं में निजी बिल्डरों के नक्शे पास कर उन्हें विकास में भागीदार बना सकता है। यह मौका उन्हीं बिल्डरों को मिलेगा, जो अधिग्रहण के पहले ही वहां जमीनें खरीद चुके हैं।
सुल्तानपुर रोड योजना से प्राधिकरण इसकी शुरुआत कर सकता है। यहां एलडीए लैंडपूलिंग से जमीन अधिग्रहण कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुल्तानपुर रोड योजना में कई छोटे-बड़े बिल्डर अपनी आवासीय योजना के लिए जमीनें किसानों से खरीद चुके हैं। ऐसे में योजना में विकास कार्य कराते वक्त परेशानी आ सकती हैं।
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ऐसे में उच्च अधिकारियों के सामने प्रस्ताव रखा गया है कि बिल्डरों की जमीनों का अधिग्रहण करने की जगह बाह्य विकास शुल्क व मानचित्र शुल्क लेकर उनका नक्शा पास कर दिया जाए।
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इससे विकास कार्य पूरे कराने में इन बिल्डरों का सहयोग मिल सकेगा। सुल्तानपुर रोड योजना में ही सहारा समूह के अलावा राज इंफ्रा बिल्डर्स के अलावा कई छोटे बिल्डरों की जमीनें हैं।
सहारा समूह की हाइटेक टाउनशिप का लाइसेंस यहां निरस्त हुआ है। वहीं, राज इंफ्रा का इंटीग्रेटेड टाउनशिप का लाइसेंस सहारा को लाइसेंस मिल जाने से स्वीकृत नहीं हो पाया था।
कानूनी विवाद नहीं चाहता एलडीए
अधिकारियों का मानना है कि लैंडपूलिंग के वक्त बिल्डर आसानी से अपनी जमीन नहीं देंगे। ऐसे में कानूनी विवाद भी शुरू हो सकते हैं। इससे योजना के विकास में अधिक समय लग सकता है। इसके उलट एलडीए अगर बिल्डरों का सहयोग विकास में लेगा तो नई योजना पर काम जल्दी शुरू किया जा सकेगा।
अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया
मुख्य नगर नियोजक, एलडीए, नितिन मित्तल ने बताया कि नई योजनाओं में बिल्डरों को भी विकास कार्य कराने और नक्शे स्वीकृत करने का प्रस्ताव है। अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सभी तकनीकी पहलू के आकलन के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।