फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lda will again design cg city

सीजी सिटी को दोबारा से डिजाइन करेगा एलडीए

Fri, 01 Jan 2021 01:20 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2021 01:20 AM IST
विज्ञापन
Lda will again design cg city
सीजी सिटी को दोबारा डिजाइन करेगा एलडीए, बड़े आकार के भूखंडों के लिए प्राधिकरण को नहीं मिल रहे ग्राहक
विज्ञापन

सीजी सिटी की जमीनों का एलडीए दोबारा नियोजन करेगा। इसकी वजह यह है कि यहां विकसित पांच एकड़ या अधिक आकार के भूखंडों को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं।
इसके चलते वीसी ने पहले चरण में 25 प्रतिशत जमीन चिह्नित कर दोबारा से ले-आउट तैयार करने के लिए कहा है। यहां 10 हजार वर्गफीट से लेकर 50 हजार वर्गफीट के भूखंड विकसित किए जाएंगे।
एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश का कहना है कि सीजी सिटी में बड़ी संख्या में बड़े आकार के भूखंड हैं। इससे जहां एलडीए को भूखंड बेचने में दिक्कत आ रही है तो सीजी सिटी का विकास और उपयोग भी ठीक से नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

ऐसे में यह तय किया गया है कि 25 प्रतिशत भूखंड के आकार छोटे कर दिए जाएं। यहां ऑफिस या छोटे शॉपिंग कांप्लेक्स के लिए खरीदार को भूखंड खरीदने में सहूलियत हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसकी वजह यह है कि अभी भूखंडों की आरक्षित कीमत ही 40 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक है। इन भूखंड को बड़ी कंपनियां या समूह ही खरीदने की क्षमता रखते हैं।
सीजी सिटी का उद्देश्य नहीं बदल रहे
वीसी ने साफ किया कि सीजी सिटी विकसित करने के पीछे बड़े ब्रांड समूह और संस्थानों को लखनऊ में जगह देना था। ऐसे में यहां सभी बड़े भूखंड खत्म नहीं किए जा रहे हैं। छोटे भूखंडों की बिक्री के साथ इनके लिए भी एलडीए ग्राहक तलाशेगा। इसके बाद भी भूखंड नहीं बिके तो इनके निस्तारण पर फैसला लिया जाएगा।

850 करोड़ के भूखंड नहीं बिक पा रहे
सीजी सिटी में एलडीए के 850 करोड़ रुपये के भूखंड नहीं बिक पा रहे हैं। पशुपालन विभाग की जमीन पर सीजी सिटी के विकास पर किए खर्च के बदले ये भूखंड प्राधिकरण को मिले थे। इनमें अधिकतर बड़े भूखंड हैं। एलडीए कई बार प्रयास के बाद भी सभी भूखंड नहीं बेच पाया। वर्ष 2016 से लगातार यहां भूखंड बेचने का प्रयास चल रहा है। भूखंड नहीं बिक पाने से एलडीए का निवेश वापस नहीं आ पा रहा है, जिससे दूसरी योजनाओं में विकास भी अटका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed