{"_id":"5ff371828ebc3e3d45750516","slug":"lda-started-land-pooling-in-sultanpur-yojna-lko-city-news-lko5581878159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुल्तानपुर रोड योजना में एलडीए ने शुरू किया लैंडपूलिंग पर काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुल्तानपुर रोड योजना में एलडीए ने शुरू किया लैंडपूलिंग पर काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलडीए अधिकारियों ने की किसानों संग पंचायत
एलडीए ने सुल्तानपुर रोड पर अपनी आवासीय योजना के लिए लैंडपूलिंग पर काम शुरू कर दिया है। एलडीए अधिकारियों ने सोमवार को बक्कास गांव में किसानों के साथ पंचायत की। किसानों ने एलडीए से अपनी जीविका को लेकर सवाल किए। साथ ही निर्माण व अन्य उपयोग का अतिरिक्त प्रतिकर देने के लिए उपाय बताने को कहा है।
संयुक्त सचिव डीएम कटियार के अलावा नायब तहसीलदार स्निग्धा चतुर्वेदी, कानूनगो पूर्णिमा तिवारी व अन्य लेखपाल पंचायत में मौजूद रहे। डीएम कटियार ने किसानों को लैंडपूलिंग के जहां फायदे बताए। वहीं छोटे किसानों ने सवाल उठाया कि अगर वह अपनी जमीनें एलडीए को विकास कराने के लिए दे देंगे तो उनकी आजीविका कैसे चलेगी? गैर कृषि भूमि व जमीन पर हुए निर्माण के प्रतिकर को लेकर क्या नीति रहेगी? संयुक्त सचिव का कहना है कि एलडीए वीसी और डीएम से चर्चा कर किसानों के इन सवालों के जवाब दिए जाएंगे। एलडीए दूसरे गांवों में भी इस तरह की पंचायत करेगा।
25 प्रतिशत विकसित जमीन मिलनी है
किसानों को एलडीए लैंडपूलिंग में 25 प्रतिशत विकसित जमीन देगा। एलडीए अधिकारियों का दावा है कि इससे मुआवजा में मिलने वाली धनराशि से अधिक आर्थिक लाभ होगा। वहीं एलडीए से किसानों को दिए जाने वाले भूखंड का भू-उपयोग मिश्रित रखने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। संशोधित लैंडपूलिंग नीति में इसे शामिल किए जाने की संभावना है। जमीन अधिग्रहण शुरू होने के बाद भी नई नीति का फायदा किसानों को देने का आश्वासन एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश पूर्व में ही दे चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एलडीए ने सुल्तानपुर रोड पर अपनी आवासीय योजना के लिए लैंडपूलिंग पर काम शुरू कर दिया है। एलडीए अधिकारियों ने सोमवार को बक्कास गांव में किसानों के साथ पंचायत की। किसानों ने एलडीए से अपनी जीविका को लेकर सवाल किए। साथ ही निर्माण व अन्य उपयोग का अतिरिक्त प्रतिकर देने के लिए उपाय बताने को कहा है।
संयुक्त सचिव डीएम कटियार के अलावा नायब तहसीलदार स्निग्धा चतुर्वेदी, कानूनगो पूर्णिमा तिवारी व अन्य लेखपाल पंचायत में मौजूद रहे। डीएम कटियार ने किसानों को लैंडपूलिंग के जहां फायदे बताए। वहीं छोटे किसानों ने सवाल उठाया कि अगर वह अपनी जमीनें एलडीए को विकास कराने के लिए दे देंगे तो उनकी आजीविका कैसे चलेगी? गैर कृषि भूमि व जमीन पर हुए निर्माण के प्रतिकर को लेकर क्या नीति रहेगी? संयुक्त सचिव का कहना है कि एलडीए वीसी और डीएम से चर्चा कर किसानों के इन सवालों के जवाब दिए जाएंगे। एलडीए दूसरे गांवों में भी इस तरह की पंचायत करेगा।
विज्ञापन
25 प्रतिशत विकसित जमीन मिलनी है
किसानों को एलडीए लैंडपूलिंग में 25 प्रतिशत विकसित जमीन देगा। एलडीए अधिकारियों का दावा है कि इससे मुआवजा में मिलने वाली धनराशि से अधिक आर्थिक लाभ होगा। वहीं एलडीए से किसानों को दिए जाने वाले भूखंड का भू-उपयोग मिश्रित रखने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। संशोधित लैंडपूलिंग नीति में इसे शामिल किए जाने की संभावना है। जमीन अधिग्रहण शुरू होने के बाद भी नई नीति का फायदा किसानों को देने का आश्वासन एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश पूर्व में ही दे चुके हैं।
विज्ञापन