रिंग रोड पूरी करने के लिए एलडीए के पास बजट नहीं
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रिंग रोड पर जाम खत्म करने का इंतजाम शासन की एक लापरवाही के चलते नहीं हो पा रहा है। लगभग डेढ़ साल पहले राम-राम बैंक चौराहे के पास और टेढ़ी पुलिया चौराहे पर दो पुलों को पास किया जा चुका है।
इनके लिए जुलाई-2013 120 करोड़ रुपये का प्राविधान भी वित्त विभाग की ओर से कर दिया गया है। मगर ये धन अब तक पुलों के लिए नोडल एजेंसी लखनऊ विकास प्राधिकरण को नहीं उपलब्ध करवाया जा रहा है।
एलडीए के अधिकारियों को ये काम राज्य सेतु निर्माण निगम से करवाना है, मगर उनको अब भी धन का इंतजार है।
टेढ़ी पुलिया चौराहे और रामराम बैंक चौराहे पर बड़े वाहनों और शहरी आबादी के आवागमन की वजह से देर रात तक जाम की स्थिति रहती है।
जाम खत्म करने के लिए टेढ़ी पुलिया चौराहे से थोड़ा पहले पुल शुरू होगा और इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब 400 मीटर तक जाएगा।
इसी तरह से राम-राम बैंक चौराहे के थोड़ा पहले से पुल शुरू होगा और आगे जाकर सीतापुर रोड से जुड़ने वाले आरओबी को टच करेगा। ऐसे में जो वाहन चालक सीधे सीतापुर रोड जाना चाहते हैं वे पुल के रास्ते निकल जाएंगे।
कब्जा दिलाने के लिए बनाई समिति
इन दोनों पुलों का बजट अब 15 फीसदी तक बढ़ चुका है। इसका अर्थ है कि, अब करीब 18 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंतजाम शासन को इन दोनों पुलों का निर्माण कराने के लिए करना पड़ेगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि, फिलहाल इन पुलों को शुरू करने के लिए पूर्व में तय बजट तो देना ही पड़ेगा।
एलडीए ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में बृहस्पतिवार को एक हलफनामा देकर बताया है कि गोमतीनगर विस्तार में कुछ लोगों को प्लॉट का कब्जा न मिलने और रजिस्ट्री न किए जाने की शिकायतों के समाधान के लिए समिति गठित कर दी गई।
संयुक्त सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही यह समिति अतिक्रमण गुम हुए प्लॉटों, चारदीवारी संबंधी विवादों समेत अधिग्रहीत न की गई जमीन पर प्लॉटों केआवंटन संबंधी समस्याओं का परीक्षण भी करेगी और संबंधित सुझाव व सिफारिशें भी भेजेगी। यह जानकारी एलडीए केअधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दी है।