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बाराबंकी के 225 गांव होंगे एलडीए में, आज लगेगी मुहर
ऋषि मिश्र/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 11 Jun 2014 02:41 AM IST
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लंबे समय बाद एलडीए की बोर्ड मीटिंग बुधवार को मंडलायुक्त कुमार कमलेश की अध्यक्षता में होगी।
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इस बैठक के सबसे अहम प्रस्ताव बाराबंकी के 225 गांवों को एलडीए की सीमा में लिया जाना होगा।
इससे पहली बार एलडीए की सीमा किसी दूसरे जिले तक पहुंचेगी। सहारा शहर के लेआउट को नियमित करने का विवादित प्रस्ताव भी बोर्ड में रखे जाने की तैयारी है।
सिक्योरिटी जोन में अधिक लैंड कवरेज, रिंग रोड को दोबारा 150 मीटर चौड़ा करने जैसे कुछ अन्य प्रस्ताव इस बोर्ड मीटिंग में जाएंगे।
फिलहाल मंगलवार की दोपहर तक एलडीए वीसी अग्रवाल एमपी अग्रवाल ये दावा करते रहे कि बोर्ड मीटिंग बुधवार को होगी।
मगर नवागत कमिश्नर को बोर्ड प्रस्तावों की अधिक जानकारी न होने से इस बैठक के अंतिम समय में स्थगित किए जाने की भी पूरी आशंका है।
बाराबंकी के गांवों की सूची तैयार है। दो तहसीलों के गांव एलडीए की सीमा में आएंगे। इसका प्रस्ताव एलडीए बोर्ड से पास करके शासन को भेजा जाएगा।
जहां से अधिसूचना होने के बाद प्राधिकरण सीमा में आ जाएंगे। अपने निर्माण के 20 साल बाद सहारा शहर नियमित हो जाएगा।
जिससे सहारा इस 170 एकड़ भूमि पर अपना पूरा हक जमा सकेगा।
वर्ष-1993 में नगर निगम ने करीब 170 एकड़ और एलडीए ने 100 एकड़ भूमि सहारा इंडिया को गोमती नगर क्षेत्र में टाउनशिप और ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए दी थी।
इस भूमि पर लोगों के लिए आवास बनाए जाने थे। इसके अतिरिक्त गरीब आवास भी दिए जाने थे।
मगर बदलते समय के साथ ही सहारा शहर केवल सहारा परिवार की मिलकियत में तब्दील हो गया।
बसपा सरकार में रातों रात सहारा शहर के ध्वस्तीकरण तक की शुरुआत कर दी गई थी। मगर हाईकोर्ट के स्टे और शासकीय फैसलों के चलते इसको रोक दिया गया था।
मगर इसके लेआउट को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कभी भी अपनी मंजूरी नहीं दी थी।
इससे सबकुछ सहारा की कस्टडी में होने के बावजूद यहां के निर्माण अब तक नियमित नहीं हैं।
इसके अलावा एपीआई अंसल के विस्तारित डीपीआर को मंजूरी, तीन बांधों के निर्माण जैसे कई बिंदुओं को बोर्ड मीटिंग में हरी झंडी दी जा सकती है।