यदि आपका प्लाट विवादित है तो आपको मिलेगा फ्लैट
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विवादित प्लॉटों के बदले एलडीए अब फ्लैट देगा। इस आशय का आदेश मंगलवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने जारी कर दिया। इसके साथ ही आवंटी द्वारा प्लॉट के एवज में अब तक जमा की गई रकम 10 फीसदी ब्याज के साथ फ्लैट की कीमत में समायोजित कर दी जाएगी।
ब्याज देने का जो नुकसान एलडीए को होगा उसकी रिकवरी प्लाट देने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से की जाएगी। इस स्कीम का फायदा राजधानी में कम से कम दो हजार आवंटियों को मिलेगा। इसकी शुरुआत गोमती नगर विस्तार के 319 आवंटियों से होगी।
प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में सैकड़ों प्लॉटों को लेकर विवाद है। इनमें तीन तरह के प्लॉट हैं। एक जिनकी रजिस्ट्री हो चुकी है। दूसरा, जिनके प्लॉट का पूरा पैसा जमा है लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। तीसरे वे हैं जिनका 25 से 50 फीसदी धन जमा हो चुका है, मगर प्लॉट पर कब्जा और रजिस्ट्री नहीं हो सकी है।
विवाद निस्तारण समिति का भी गठन
इसके अलावा एलडीए में विवाद निस्तारण समिति का भी गठन कर दिया गया है। ये समिति प्राधिकरण के ऐसे विवाद जो विधिक दायरे में आते हैं, उनका निस्तारण करेगी। इस कमेटी की अध्यक्ष एलडीए के विधि परामर्शी करेंगे। जबकि वित्त नियंत्रक, मुख्य नगर नियोजक, संयुक्त सचिव, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता इस कमेटी में सदस्य होंगे।
प्रत्येक शनिवार को न्याय दिवस लालबाग में होगा। प्रत्येक विवाद के निस्तारण के लिए विधि परामर्शी लालबाग में ही बैठेंगे। वे वादों का निस्तारण कर के उस पर आदेश तैयार करेंगे। जिस पर उपाध्यक्ष का अनुमोदन लेकर उसको लागू कर दिया जाएगा।
इस तरह से प्लॉटों का निस्तारण एक तरह से टेढ़ी खीर ही साबित होगा। दरअसल नेहरू एन्क्लेव के भी 35 ऐसे आवंटी हैं, जिनको रजिस्ट्री के बावजूद प्लॉट नहीं मिला था। सालों बीत गए हैं। उनको अगर 10 फीसदी की दर से सालाना ब्याज दिया गया तो वह एलडीए पर भारी बोझ होगा।
इसके साथ ही इस मामले में प्राधिकरण किसी से रिकवरी भी नहीं ले सकेगा। इसके अलावा बसंतकुंज, जानकीपुरम, शारदानगर, कानपुर रोड, गोमती नगर सहित कई कॉलोनियों में ऐसे कई विवादित प्लॉटों का निस्तारण इस स्कीम के तहत करने में प्राधिकरण के अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी होगी।