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मेट्रो के लिए एलडीए भी बढ़ाएगा जमीन के दाम
ऋषि मिश्र/लखनऊ
Updated Fri, 29 Nov 2013 02:08 AM IST
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राजधानी में मेट्रो निर्माण के लिए एलडीए अगले तीन साल में जो 100 करोड़ रुपये अपने बजट से खर्च करेगा, उसकी प्रतिपूर्ति भविष्य में आने वाली उसकी योजनाओं में जमीन का रेट बढ़ा कर की जाएगी।
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फिलहाल प्राधिकरण के पास इन 100 करोड़ रुपये के समायोजन का यही एक विकल्प है। इसके लिए बहुत जल्द ही लखनऊ विकास प्राधिकरण बड़ा निर्णय ले सकता है।
आने वाले समय में प्राधिकरण की जो भी योजना आएंगी, उसमें बढ़ी कीमत के हिसाब से रेट वसूला जाएगा।
इसी क्रम में आवास विकास परिषद अपनी अवध विहार योजना में जमीन की कीमत दो हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ा चुका है।
ऐसे में एलडीए भी मेट्रो के लिए अपनी आने वाली योजनाओं में जमीन की कीमत करीब एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बढ़ाने की योजना बना रहा है।
इस संबंध में होने वाले निर्णय पर मुहर लगना अभी बाकी है। राजधानी में मेट्रो के वास्ते धन जुटाने के लिए आवास विकास की अवध विहार योजना में जमीन की कीमत दो हजार रुपए वर्ग मीटर बढ़ा दी गई है।
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आवास विकास को मेट्रो के लिए 200 करोड़ रुपये जुटाने हैं। अवध विहार योजना में जमीन की जो कीमत 13 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर थी जो अब बढ़कर 15 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई है।
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एलडीए को चक गंजरिया में जो भूमि मिलेगी, उससे मेट्रो योजना की प्रतिपूर्ति करने का लक्ष्य पूर्व में तय किया गया था।
मगर प्राधिकरण को जो 550 एकड़ भूमि चक गंजरिया में मिलेगी, उसमें से 150 एकड़ भूमि एलएमआरसी को प्रापर्टी डवलपमेंट के लिए नि:शुल्क दी जाएगी।
इसके अलावा करीब एक हजार करोड़ रुपये से चक गंजरिया परिक्षेत्र के वाह्य विकास पर भी एलडीए खर्च करेगा, ऐसे में एलडीए पर खासा अर्थिक बोझ पड़ेगा।
इसलिए भूमि का रेट बढ़ा कर प्राधिकरण भविष्य में खर्च को समायोजित करेगा।
तीन साल में देना है, एलडीए को धन
आवास विकास परिषद के 200, एलडीए के 100 और यूपीएसआईडीसी के 100 करोड़ के जरिए मेट्रो के शुरुआती निर्माण का एक तिहाई बजट मिल जाएगा।
बाकी 75 फीसदी धन की व्यवस्था सरकार को अपने संसाधनों के जरिए और करनी पड़ेगी। यह धन एफएआर और प्रापर्टी डवलपमेंट के जरिये भी मेट्रो के लिए जुटाई जाएगा।
पहले वित्तीय वर्ष में 20 प्रतिशत धनराशि जो कि 70 करोड़ रुपये है, वह तीनों एजेंसियों को मिल कर देने होंगे।
इस संबंध में संयुक्त सचिव शासन शिवजनम चौधरी की ओर से तीनों एजेंसियों को शासन के फैसले से अवगत करा दिया गया है।
जिसमें पहले वित्तीय वर्ष के लिए आवास विकास परिषद को 40 करोड़, लखनऊ विकास प्राधिकरण को 20 करोड़ और यूपीएसआईडीसी को 10 करोड़ रुपये देने होंगे।
इस 70 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एलएमआरसी बनने के बाद उसके शुरुआती कामों में किया जाएगा।
महंगा होगा घर का सपना
मेट्रो के लिए एलडीए जो 100 करोड़ रुपए देगा, उसका सीधा असर आने वाली योजनाओं में फ्लैट लेेने वालों पर पड़ेगा।
जानकारों का कहना है कि नई दर लागू होने के बाद जो फ्लैटों की कीमत आज के मुकाबले करीब 15 फीसदी तक बढ़ जाएगी।
आने वाले समय में एलडीए गोमती नगर फेज-2, फैजाबाद रोड, सीतापुर रोड, कुर्सी रोड, देवपुर पारा और कुछ अन्य जगहों पर ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाने वाला है।
जहां घर पाने के लिए लोगों को अब तक तुलना में कहीं ज्यादा दमा चुकाने होंगे।