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आधा फ्लाईओवर बनने के बाद कर रहे जमीन का चिन्हांकन
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लखनऊ। लगभग 135 करोड़ रुपये खर्च कर एयरपोर्ट लिंक फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के हवा में आधे से भी अधिक बन जाने के बाद अब जमीन चिह्नित होना शुरू हो सका है। एयरपोर्ट के पास किसानों की जमीन के अधिग्रहण के लिए चूना डालकर काम शुरू कर दिया गया है। अब देखना यह है कि अपनी लापरवाही और अदूरदर्शिता से पैदा हुई मुश्किल को अधिकारी कब तक खत्म कर पाते हैं।
अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को प्रशासन, सेतु निगम व अन्य विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर गई थी। इसने फ्लाईओवर के लिए जरूरी जमीन का सीमांकन कराया। यह किसानों से ली जानी है। सीमांकन के साथ मामले में गठित विभागों के अधिकारियों की समिति की बैठक बुलाकर मुआवजा दरों के लिए भी सहमति बनाने की कोशिश की गई। मुआवजे के लिए डीएम सर्किल रेट के दोगुने का नियम है। किसानों से भी बात हुई है। सोमवार को समिति की बैठक कर मुआवजा दरों का अंतिम निर्धारण कर अवॉर्ड घोषित किया जा सकता है। इसके बाद जमीनों पर कब्जा लेकर पीडब्लूडी के नाम बैनामा भी करा लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि मुआवजा दरों पर चर्चा की गई है। साथ ही फिर से उनका सत्यापन करने को कहा गया है।
...तो खत्म हो जाएगी एक और मुश्किल
जिम्मेदार अधिकारी अगर मुआवजा अवॉर्ड कराने में सफल रहे तो तीन में से दूसरी दिक्कत का हल निकल जाएगा। एयरपोर्ट की बाउंड्री के पास किसानों की जमीन के लिए शासन मुआवजे की धनराशि जारी कर चुका है। ऐसे में मुआवजे की दर पर सहमति बना इसे अवॉर्ड करना ही मुश्किल होगा। हालांकि, अधिकारियों को दो साल पहले ही यह काम कर लेना चाहिए था।
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एलडीए की जमीन के लिए भी मंथन शुरू
तीसरी मुश्किल एलडीए को जमीन का हल निकालने के लिए भी मंथन शुरू हो गया है। सेतु निगम और एलडीए के अधिकारी कोशिश में हैं कि कम से कम आवासीय भूखंड प्रभावित किए फ्लाईओवर का निर्माण कर लिया जाए। इसके लिए फ्लाईओवर की डिजाइन में जरूरी बदलाव कर लिया जाएगा। शुक्रवार को भी टीम ने मौके पर इसकी संभावना देखी।
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अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को प्रशासन, सेतु निगम व अन्य विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर गई थी। इसने फ्लाईओवर के लिए जरूरी जमीन का सीमांकन कराया। यह किसानों से ली जानी है। सीमांकन के साथ मामले में गठित विभागों के अधिकारियों की समिति की बैठक बुलाकर मुआवजा दरों के लिए भी सहमति बनाने की कोशिश की गई। मुआवजे के लिए डीएम सर्किल रेट के दोगुने का नियम है। किसानों से भी बात हुई है। सोमवार को समिति की बैठक कर मुआवजा दरों का अंतिम निर्धारण कर अवॉर्ड घोषित किया जा सकता है। इसके बाद जमीनों पर कब्जा लेकर पीडब्लूडी के नाम बैनामा भी करा लिया जाएगा। समिति के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बिपिन कुमार मिश्र ने बताया कि मुआवजा दरों पर चर्चा की गई है। साथ ही फिर से उनका सत्यापन करने को कहा गया है।
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...तो खत्म हो जाएगी एक और मुश्किल
जिम्मेदार अधिकारी अगर मुआवजा अवॉर्ड कराने में सफल रहे तो तीन में से दूसरी दिक्कत का हल निकल जाएगा। एयरपोर्ट की बाउंड्री के पास किसानों की जमीन के लिए शासन मुआवजे की धनराशि जारी कर चुका है। ऐसे में मुआवजे की दर पर सहमति बना इसे अवॉर्ड करना ही मुश्किल होगा। हालांकि, अधिकारियों को दो साल पहले ही यह काम कर लेना चाहिए था।
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एलडीए की जमीन के लिए भी मंथन शुरू
तीसरी मुश्किल एलडीए को जमीन का हल निकालने के लिए भी मंथन शुरू हो गया है। सेतु निगम और एलडीए के अधिकारी कोशिश में हैं कि कम से कम आवासीय भूखंड प्रभावित किए फ्लाईओवर का निर्माण कर लिया जाए। इसके लिए फ्लाईओवर की डिजाइन में जरूरी बदलाव कर लिया जाएगा। शुक्रवार को भी टीम ने मौके पर इसकी संभावना देखी।