पूंजी का अभाव और प्रभाव दोनों ही विनाशकारी: टंडन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सांसद और भाजपा नेता लालजी टंडन ने कहा कि आरएसएस, जनसंघ और भाजपा को समझने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समझना पडे़गा। वे भाजपा के शिल्पी थे। उनका मानना था कि पूंजी का प्रभाव व अभाव दोनों ही विनाशकारी होते हैं।
टंडन गुरुवार को यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय की 99वीं जयंती और भाजपा के मुखपत्र ‘कमल ज्योति’ की रजत जयंती के उपलक्ष्य में ‘एकात्म मानववाद और अंत्योदय विषय’ पर आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे।
‘कमल ज्योति’ के प्रथम संपादक रहे टंडन ने कहा कि पं. दीनदयाल दरिद्र नारायण की सेवा को सर्वोच्च मानते थे। जब भी भारत और भारतीयता की बात होगी तो दीनदयालजी को याद किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा के पूर्व सदस्य रामनरायण साहू ने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ पं. दीनदयाल द्वारा प्रतिपादित अंत्योदय का ही परिष्कृत रूप है।
भारत करेगा पूरे विश्व की अगुवाई
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि एकात्म मानववाद व अंत्योदय एक-दूसरे के पूरक हैं। इन्हीं पर चलकर भारत विश्व की अगुवाई करेगा।
इस मौके पर ‘कमल ज्योति’ रजत जयंती वर्ष से संबंधित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय की 99वीं जयंती पर प्रदेश में विविध कार्यक्रम हुए।
मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुगलसराय जंक्शन का नामकरण पं. दीनदयाल के नाम पर करने और उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।
सुल्तानपुर में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने कार्यकर्ताओं से दीनदयालजी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।