फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lack of treatment man died in kgmu

पहले मरने दिया, अब उसी पर करेंगे रिसर्च

Sat, 03 Aug 2013 10:46 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 03 Aug 2013 10:46 AM IST
विज्ञापन
lack of treatment man died in kgmu

वह लावारिस था, इसलिए शायद उसे इलाज का हक नहीं था। तभी तो ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने उसका इलाज करने की जहमत नहीं उठाई, लेकिन अब वही डॉक्टर देहदान के बाद उसकी देह पर रिसर्च करेंगे।

विज्ञापन


पांच दिन पहले वह सिविल अस्पातल से ट्रामा सेंटर लाया गया था, वह तड़पता रहा लेकिन किसी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा। माना जा रहा है कि यदि उसे समय पर इलाज मिल जाता तो वह बच सकता था।
विज्ञापन


आठ दिन पहले भैंसाकुंड के पास घायल और लावारिस हालत में मिले किशोर की गुरुवार देर रात मौत हो गई।


ट्रॉमा सेंटर में काफी ना-नुकर के बाद उसे भर्ती किया गया था, लेकिन अभागे किशोर के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुई, किसी चिकित्सक ने उसका इलाज अपने हाथ में नहीं लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि इस पूरे समय वह अर्धमूच्छित अवस्था में रहा। इस दौरान चाइल्ड लाइन ने किशोर की मदद के लिए हाथ बढ़ाए लेकिन डॉक्टरों की असंवेदनशीलता की वजह से उसे इलाज नहीं मिला।

पूरे समय डॉक्टर एक लावारिस का इलाज करने से बचते रहे ताकि कोई पचड़े में न फंसे। एक दूसरे पर उसे देखने की बात कहते रहे।

गौरतलब है कि 24 जुलाई को देर रात भैंसाकुंड के निकट मिले 14 वर्षीय किशोर को घायल अवस्था में पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था।

यहां डॉ. एके शर्मा ने पूरी लगन से उसका इलाज किया। सिर में चोट होने और थक्का जमने के कारण उसे ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया।


डॉ. शर्मा के हस्तक्षेप पर ही उसे किसी तरह वहां भर्ती किया गया था। 29 से 31 जुलाई तक किशोर यहां भर्ती रहा लेकिन डॉक्टर आते और अन्य मरीजों को देखकर लौट जाते।

किसी ने भी किशोर को देखने, इलाज करने की जहमत नहीं उठाई। वार्ड ब्वॉय को ग्लूकोज चढ़ाने को कहा गया, जो दिन में दो-तीन दफा ग्लूकोज चढ़ा देता।

चाइल्ड लाइन संस्था ने हस्तक्षेप किया, लेकिन फिर भी चिकित्सकों ने इलाज शुरू नहीं किया। देर रात किशोर की सांसें थम गई।

फिर चिकित्सकों ने उसकी मौत हो जाने की पुष्टि की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।

इस बारे में सीएमएस डा. एसएन शंखवार से बात करने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल फोन स्विच ऑफ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed