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Lucknow News: मरम्मत के अभाव में एसी जनरथ बसें बढ़ा रहीं यात्रियों की मुसीबतें
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मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।
लखनऊ। गर्मियां शुरू होते ही एसी जनरथ बसों का दम फूलने लगा है। बसों की मरम्मत ढंग से नहीं हो रही है। इससे आए दिन बीच रास्ते खराब हो रही हैं। रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो में 87 एसी बसें हैं, जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। रोजाना पंद्रह से बीस बसें खराब हो रही हैं।
रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो में एसी बसों का बेड़ा है। वर्ष 2014 में खरीदी गईं एसी जनरथ बसें अपने उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई हैं। यह बसें 12 लाख किमी से अधिक का सफर पूरा कर चुकी है और नीलामी के दायरे में हैं। इंजन में खराबी आ जाती है। लेकिन इन बसों की मरम्मत नहीं होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अवध डिपो में बसों की मरम्मत का काम निजी कंपनी को सैांपा गया है। कंपनी की ओर से मरम्मत में लापरवाही की शिकायतें रोडवेज एमडी के पास पहले भी पहुंच चुकी हैं।
सूत्र बताते हैं कि अवध डिपो की 87 एसी बसों में रोजाना करीब 10 से 12 बसें मरम्मत के अभाव में डिपो में ही खड़ी रहती हैं। जो मार्ग पर चल रही हैं, उनमें भी गड़बड़ियां आ रही हैं। बीच रास्ते खराब हो रही हैं। ऐसा रोजाना पांच से सात बसों में हो रहा है। ऐसी स्थिति में परिवहन निगम की इन बसों से सफर करना यात्रियों के लिए मुसीबतें बढ़ रही हैं। अवध डिपो एसी जनरथ बसों का हब है। यहां से 87 बसें प्रदेश के 18 शहरों के लिए चलाई जा रही है। आए दिन बसें बीच रास्ते दम तोड़ रही हैं। बस के बेड़े में 66 ऐसी हैं, जो उम्र पूरी करने को हैं, जबकि 26 बसें अगले महीने नीलामी के दायरे में आ जाएंगी। एसी बसों से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
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Iमरम्मत के अभाव में खड़ी एसी जनरथ बसों की जिम्मेदार निजी कंपनी की है। इनकी वजह से यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रतिमाह कंपनी की लापरवाही पर लाखों रुपये की कटौती हो रही है। बावजूद इसके सुधार नहीं दिख रहा है।
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I-सत्यनारायण चौधरी, एआरएम, अवध डिपोI
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रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो में एसी बसों का बेड़ा है। वर्ष 2014 में खरीदी गईं एसी जनरथ बसें अपने उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई हैं। यह बसें 12 लाख किमी से अधिक का सफर पूरा कर चुकी है और नीलामी के दायरे में हैं। इंजन में खराबी आ जाती है। लेकिन इन बसों की मरम्मत नहीं होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अवध डिपो में बसों की मरम्मत का काम निजी कंपनी को सैांपा गया है। कंपनी की ओर से मरम्मत में लापरवाही की शिकायतें रोडवेज एमडी के पास पहले भी पहुंच चुकी हैं।
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सूत्र बताते हैं कि अवध डिपो की 87 एसी बसों में रोजाना करीब 10 से 12 बसें मरम्मत के अभाव में डिपो में ही खड़ी रहती हैं। जो मार्ग पर चल रही हैं, उनमें भी गड़बड़ियां आ रही हैं। बीच रास्ते खराब हो रही हैं। ऐसा रोजाना पांच से सात बसों में हो रहा है। ऐसी स्थिति में परिवहन निगम की इन बसों से सफर करना यात्रियों के लिए मुसीबतें बढ़ रही हैं। अवध डिपो एसी जनरथ बसों का हब है। यहां से 87 बसें प्रदेश के 18 शहरों के लिए चलाई जा रही है। आए दिन बसें बीच रास्ते दम तोड़ रही हैं। बस के बेड़े में 66 ऐसी हैं, जो उम्र पूरी करने को हैं, जबकि 26 बसें अगले महीने नीलामी के दायरे में आ जाएंगी। एसी बसों से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
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Iमरम्मत के अभाव में खड़ी एसी जनरथ बसों की जिम्मेदार निजी कंपनी की है। इनकी वजह से यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रतिमाह कंपनी की लापरवाही पर लाखों रुपये की कटौती हो रही है। बावजूद इसके सुधार नहीं दिख रहा है।
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I-सत्यनारायण चौधरी, एआरएम, अवध डिपोI

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।