फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lack of maintenance of AC Janrath buses is increasing the problems of passengers.

Lucknow News: मरम्मत के अभाव में एसी जनरथ बसें बढ़ा रहीं यात्रियों की मुसीबतें

Tue, 21 Apr 2026 02:13 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
Lack of maintenance of AC Janrath buses is increasing the problems of passengers.
मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।
लखनऊ। गर्मियां शुरू होते ही एसी जनरथ बसों का दम फूलने लगा है। बसों की मरम्मत ढंग से नहीं हो रही है। इससे आए दिन बीच रास्ते खराब हो रही हैं। रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो में 87 एसी बसें हैं, जो यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। रोजाना पंद्रह से बीस बसें खराब हो रही हैं।
विज्ञापन

रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र के अवध डिपो में एसी बसों का बेड़ा है। वर्ष 2014 में खरीदी गईं एसी जनरथ बसें अपने उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई हैं। यह बसें 12 लाख किमी से अधिक का सफर पूरा कर चुकी है और नीलामी के दायरे में हैं। इंजन में खराबी आ जाती है। लेकिन इन बसों की मरम्मत नहीं होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अवध डिपो में बसों की मरम्मत का काम निजी कंपनी को सैांपा गया है। कंपनी की ओर से मरम्मत में लापरवाही की शिकायतें रोडवेज एमडी के पास पहले भी पहुंच चुकी हैं।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि अवध डिपो की 87 एसी बसों में रोजाना करीब 10 से 12 बसें मरम्मत के अभाव में डिपो में ही खड़ी रहती हैं। जो मार्ग पर चल रही हैं, उनमें भी गड़बड़ियां आ रही हैं। बीच रास्ते खराब हो रही हैं। ऐसा रोजाना पांच से सात बसों में हो रहा है। ऐसी स्थिति में परिवहन निगम की इन बसों से सफर करना यात्रियों के लिए मुसीबतें बढ़ रही हैं। अवध डिपो एसी जनरथ बसों का हब है। यहां से 87 बसें प्रदेश के 18 शहरों के लिए चलाई जा रही है। आए दिन बसें बीच रास्ते दम तोड़ रही हैं। बस के बेड़े में 66 ऐसी हैं, जो उम्र पूरी करने को हैं, जबकि 26 बसें अगले महीने नीलामी के दायरे में आ जाएंगी। एसी बसों से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


I
I
Iमरम्मत के अभाव में खड़ी एसी जनरथ बसों की जिम्मेदार निजी कंपनी की है। इनकी वजह से यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रतिमाह कंपनी की लापरवाही पर लाखों रुपये की कटौती हो रही है। बावजूद इसके सुधार नहीं दिख रहा है।
I
I-सत्यनारायण चौधरी, एआरएम, अवध डिपोI

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

मरम्मत के लिए खड़ीं जनरथ बसें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed