फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   kumar vishwas comments on UP chief minister akhilesh yadav.

मुख्यमंत्री अखिलेश ऊपर मेट्रो चलाते रहे नीचे से पार्टी निकल गई: कुमार विश्वास

Sat, 17 Sep 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 17 Sep 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
 kumar vishwas comments on UP chief minister akhilesh yadav.
कुमार विश्वास - फोटो : amar ujala

आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने सपा की पारिवारिक कलह पर अपने अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मेट्रो के ऊपर चलते रहे लेकिन पार्टी नीचे से निकल गई।

विज्ञापन


लखनऊ के गाडगे प्रेक्षागृह में आयोजित काव्य पाठ में कुमार विश्वास ने प्रदेश की सियासत में चल रही उठापटक पर खूब टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि कभी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार चल रही थी और लग रहा था वे जीतेंगे। बड़े-बड़े हाईवे बने थे।
विज्ञापन


वे उस पर खड़े होकर फोटो खिंचवाते रहे विकास की यात्रा कहते हुए और नीचे से सरकार निकल गए। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री मेट्रो के ऊपर चलते रहे और पार्टी नीचे से निकल गई। विश्वास ने मेट्रो का बार-बार जिक्र किया, कहा कि हम उस मेट्रो में फंस जाते हैं जो अभी बनी ही नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'दूल्हे की खाट उठाकर बराती भाग गए'

 kumar vishwas comments on UP chief minister akhilesh yadav.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जनसभाओं में खाट लुट जाने पर विश्वास ने टिप्पणी की कि सामने बिछी खाटें देखकर 46 साल की उम्र में दिल में कुछ आया होगा लेकिन ये पहले दुल्हे हैं जिनकी खाट उठाकर बाराती ले गए।

अपने काव्य पाठ के दौरान हमेशा की तरह कुमार ने ज्यादातर तीर राजनेताओं पर ही चलाए। वहीं उन्होंने अपने ऊपर लगने वाले आरोपों पर भी सफाई दी।

कई रचनाओं को यह कहते हुए सुनाया कि इन्हें लखनऊ में पहली-पहली बार सुनाकर भूमि पूजन कर रहा हूं। उन्होंने कहा भी कि राजनीति में सीधे बात होती है लेकिन मैं कविता के जरिये इशारों से बात करता हूं।

गवर्नर के यहां बंधक मगर सरकार जैसे हैं...

 kumar vishwas comments on UP chief minister akhilesh yadav.

उन्होंने सुनाया-‘अधूरी इक कहानी के किसी किरदार जैसे हैं, जहां खबरें गवाहों में हैं उस अखबार जैसे हैं, हमें दुनिया ने तो दिल के चुनावों में जिताया है, गवर्नर के यहां बंधक मगर सरकार जैसे हैं’।

अपनी सफाई में उन्होंने कहा- ‘कृपा रुतबा इनायत मेहरबानी बेअसर निकली, मुझे बदनाम करने की निशानी बेअसर निकली, मेरे हर लफ्ज का जादू जमाने की जुबां पर है, तुम्हारे साजिशों की हर कहानी बेअसर निकली’ और ‘सियासत में तेरा खोया या पाया हो नहीं सकता, तेरी शर्तों पे गायब या नुमायां हो नहीं सकता, भले साजिश से गहरे दफन मुझको कर दो पर मैं, सृजन का बीज हूं मिट्टी में जाया हो नहीं सकता’।

इन रचनाओं पर मंत्रमुग्‍ध हुए श्रोता

 kumar vishwas comments on UP chief minister akhilesh yadav.

कुमार विश्वास ने जब अपनी कई पुरानी लोकप्रिय रचनाएं सुनाईं तो खचाखच भरे सभागार में बहुत सारे दर्शक उन पंक्तियों को साथ-साथ गाने लगे।

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है.., कोई कब तक महज सोचे, कोई कब तक महज गाए.., मुहब्बत एक अहसासों की पागल सी कहानी है.., बदलने को तो इन आंखों के मंजर कम नहीं बदले.. पर दर्शकों ने खूब सुर मिलाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed