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जानिए कौन करेगा अमिताभ ठाकुर पर लगे आरोपों की जांच

Tue, 21 Jul 2015 08:30 PM IST
Updated Tue, 21 Jul 2015 08:30 PM IST
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know the development of amitabh thakur case

मुलायम सिंह यादव के कथित धमकी वाले ऑडियो टेप की वजहो से विवादों में आए आईपीएस अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच होनी है। अब यह तय हो गया है कि उन पर लगे आरोपों की जांच कौन करेगा?

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आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लगे आरोपों की जांच पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के डीजी वीके गुप्ता करेंगे। गृह विभाग ने इस बाबत आदेश जारी करते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही अमिताभ ठाकुर को जांच में पूर्ण सहयोग करने के लिए कहा है। हालांकि, ठाकुर ने अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियमावली के नियमों का हवाला देते हुए जांच अधिकारी की नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि गृह विभाग के आदेश को कैट में चुनौती दी जाएगी।
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निलंबित आईपीएस ठाकुर ने बताया कि सेवा नियमावली के नियम 8(4) के तहत किसी आईपीएस अफसर के खिलाफ जांच अधिकारी नियुक्त करने के पूर्व उसे कारण बताओ नोटिस दी जाती है और नियम 8(5) में उसका जवाब मिलने के बाद भी नियम 8(6) में जांच अधिकारी बनाया जाता है।

 हालांकि, उनके मामले में नियमावली के विपरीत और द्वेषभावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को आरोपपत्र देने के अगले दिन यानि 14 जुलाई को उन्हें स्पष्टीकरण का मौका दिए बगैर गृह विभाग ने वीके गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त कर तथा आईजी कार्मिक बीपी जोगदंड को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित कर जांच के आदेश दे दिए।

विद्वेष भावना से की जा रही है कार्रवाई

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ठाकुर ने कहा कि 16 जुलाई को उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दाखिल किया जिसका परीक्षण तक नहीं किया गया जिससे स्पष्ट है कि उनके खिलाफ विद्वेष भावना से कार्रवाई की जा रही है।

आईपीएस अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा गायत्री प्रजापति की लोकायुक्त से शिकायत और मुलायम सिंह यादव द्वारा धमकी देने तक के प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को संदर्भित कर दिया है।

गृह मंत्रालय ने 16 जुलाई के अपने पत्र में कहा है कि आईजी ठाकुर द्वारा सीबीआई जांच का मामला डीओपीटी के क्षेत्राधिकार में है इसलिए इसमें वहीं से उचित निर्णय लिया जा सकता है।

ठाकुर ने 13 जुलाई को गृह मंत्रालय के अफसरों से मिलकर कहा था कि जब से पत्नी ने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त को परिवाद दायर किया है। उसके बाद से उन पर बलात्कार के मामले सहित तमाम मुकदमे हुए।

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