जानिए कैसे हुई रायबरेली में ये वीभत्स ट्रेन दुघर्टना
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देहरादून से वाराणसी की ओर जा रही जनता एक्सप्रेस रायबरेली के बछरांवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस दुर्घटना में करीब 30 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। सुबह 9 बजे हुई यह घटना बहुत ही अजीबो-गरीब स्थिति में हुई।
बताया जा रहा है कि देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी आने की वजह से ब्रेक नहीं लग रहा था। इसकी जानकारी होने पर ड्राइवर ने स्टेशन मैनेजर से कहा कि वह उसकी ट्रेन को दूसरे लाइन पर डाल दे। क्योंकि, उसी लाइन पर एक और ट्रेन के आने की सूचना थी।
ब्रेक लगाकर आउटर पर ट्रेन न खड़ा करने की स्थित में दोनों ट्रेनें आमने सामने लड़ जातीं। इसलिए स्टेशन मैनेजर के कहने पर जनता एक्सप्रेस को शंटिंग लाइन पर डाल दिया गया।
जनता एक्सप्रेस का इंजन इस लाइन के डेड एन पर लगे स्टापेज से टकरा कर पलट गया और उसके पीछे लगी दो बोगियां भी पलट गई। ट्रेन की रफ्तार तेज होने की वजह से बोगियां खासी क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें कई लोग फंस गए।
यदि ट्रेन का ड्राइवर इस ट्रेन को उसी ट्रैक में रखता तो निश्चित ही यह दुर्घटना बहुत ही बड़े पैमाने पर होती। तब शायद इस दुर्घटना में सैकड़ों जाने जा सकतीं थीं।
दो बोगिया बुरी तरह से प्रभावित
रायबरेली के बछरावां इलाके में शुक्रवार तेज रफ्तार से आ रही जनता एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर जाने की वजह से पीछे की दो बोगियां भी पलट गईं। इस दुर्घटना में 30 से अधिक के मरने और तकरीबन 60 के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही राजधानी के आईजी लखनऊ जोन जकी अहमद व डीआईजी रेंज आरपी चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारियों को मौके पर रवाना कर दिया।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने जानकारी दी कि इन अधिकारियों के अलावा मौके पर एंबुलेंस, रिस्पास व रेस्क्यू टीम, नेशनल डिसास्टर मैनेजमेंट की टीम व अन्य सांसाधनों को भेजा गया है।
एडीजी ने बताया कि शुरूआत में जो सूचना आई थी, उसके अनुसार आठ मर गए थे और लगभग ५० या इससे अधिकके घायल होने की सूचना थी।
दोपहर तक पुलिस माहिनदेशक मुख्यालय के पास भी यही सूचना थी। इसके बाद अफसरों ने माना कि मरने वालों की संख्या बीस या इससे अधिक है। दोपहर बाद तक क्षतिग्रस्त हुई बोगियों से लोगों को बाहर निकाले जाने के कार्रवाई जारी थी।