{"_id":"5cb06cdabdec22145f53a9be","slug":"know-about-vivek-tiwari-family-after-seven-month-of-his-murder","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देशभर में गूंजा था विवेक तिवारी हत्याकांड, सात महीने बाद आज कैसे हैं परिवार के हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देशभर में गूंजा था विवेक तिवारी हत्याकांड, सात महीने बाद आज कैसे हैं परिवार के हालात
Fri, 12 Apr 2019 05:50 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 12 Apr 2019 05:50 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी लखनऊ में 29 सितंबर 2018 को एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी का मर्डर एक पुलिसकर्मी द्वारा किया गया था। घटना रात की थी, लेकिन सुबह तक इसने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया था। हर जगह इसी बात की चर्चा हो रही थी कि आखिर कोई पुलिसवाला ऐसा कैसे कर सकता है।
कुछ ही समय में यह खबर मीडिया की सुर्खियों में थी। इसी के प्रभाव के चलते लोग विवेक तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतर चुके थे। परिणाम यह हुआ कि विवेक तिवारी का घर नेता, मंत्री, पुलिस और मीडिया का अड्डा बन गया था।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका संदिग्ध थी और सभी लोग उन्हें दोषी मान चुके थे। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह समेत तमाम पुलिस के अधिकारियों ने इस पर अपने बयान दिए। आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद प्रशांत ने अपना पक्ष रखना प्रारंभ किया जो हंगामे के साथ था। गोमतीनगर का थाना इसका गवाह बना। प्रशांत के साथ उनकी पत्नी राखी मलिक भी सच की मांग कर रहीं थीं।
विज्ञापन
कुछ ही समय में यह खबर मीडिया की सुर्खियों में थी। इसी के प्रभाव के चलते लोग विवेक तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतर चुके थे। परिणाम यह हुआ कि विवेक तिवारी का घर नेता, मंत्री, पुलिस और मीडिया का अड्डा बन गया था।
विज्ञापन
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका संदिग्ध थी और सभी लोग उन्हें दोषी मान चुके थे। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह समेत तमाम पुलिस के अधिकारियों ने इस पर अपने बयान दिए। आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
इसके बाद प्रशांत ने अपना पक्ष रखना प्रारंभ किया जो हंगामे के साथ था। गोमतीनगर का थाना इसका गवाह बना। प्रशांत के साथ उनकी पत्नी राखी मलिक भी सच की मांग कर रहीं थीं।
घटना के तीन दिन बाद घटना का रिक्रिएशन सीन तैयार किया गया। उस रात विवेक तिवारी के साथ उनकी सहयोगी सना भी मौजूद थीं। उन्हें भी पुलिस जांच का हिस्सा बनाया गया। आखिरकार मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई। जिसने 81 दिन के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत को दोषी पाया गया।
रिपोर्ट ने पुलिसकर्मी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। वारदात के बाद आरोपी प्रशांत ने मीडिया के सामने कहा था कि विवेक की कार की जोरदार टक्कर से उसकी बाइक बाईं तरफ गाड़ी के आगे गिर गई थी। विवेक ने कार को पीछे किया और उसे बाइक पर चढ़ाकर भागने का प्रयास किया। इस वजह से वह कूदकर आगे आया और आत्मरक्षा में गोली चला दी।
लेकिन फरेंसिक जांच में उसका सच सामने आ गया। प्रशांत के दाएं घुटने में मामूली सी चोट का लगना और ठीक उसी जगह पैंट के फटे होने से स्पष्ट हो गया कि बाइक कार के आगे बाईं तरफ नहीं बल्कि दाईं तरफ गिरी थी। कार की टक्कर से बाइक में इतनी टूट-फूट भी नहीं हुई थी, जितनी पुलिस को मौके पर दिखी थी।
रिपोर्ट ने पुलिसकर्मी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। वारदात के बाद आरोपी प्रशांत ने मीडिया के सामने कहा था कि विवेक की कार की जोरदार टक्कर से उसकी बाइक बाईं तरफ गाड़ी के आगे गिर गई थी। विवेक ने कार को पीछे किया और उसे बाइक पर चढ़ाकर भागने का प्रयास किया। इस वजह से वह कूदकर आगे आया और आत्मरक्षा में गोली चला दी।
लेकिन फरेंसिक जांच में उसका सच सामने आ गया। प्रशांत के दाएं घुटने में मामूली सी चोट का लगना और ठीक उसी जगह पैंट के फटे होने से स्पष्ट हो गया कि बाइक कार के आगे बाईं तरफ नहीं बल्कि दाईं तरफ गिरी थी। कार की टक्कर से बाइक में इतनी टूट-फूट भी नहीं हुई थी, जितनी पुलिस को मौके पर दिखी थी।
रिपोर्ट में बताया गया कि प्रशांत ने गिरने के बाद क्रोध में आकर पिस्टल निकाला, बाकायदा सेफ्टी कैच हटाया, कॉक किया और जान से मारने की नीयत से निशाना लगाकर फायर कर दिया। तकनीकी जांच में कार के बाएं टायर के सामने खड़े होकर दाएं ऐंगल पर गोली चलाना पाया गया। वहीं एसआईटी की रिपोर्ट में प्रशांत के साथी पुलिसकर्मी संदीप को मामूली मारपीट का आरोपी दिखाया गया, जिसके बाद वो जेल से बरी हो गया।
लेकिन विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने एसआईटी की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए संदीप के खिलाफ याचिका दायर कर दी थी। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए संदीप को 22 मार्च 2019 तक आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। फिलहाल दोनों दोषी धारा 302 और धारा 323 के तहत जेल में हैं।
विवेक के परिवार की आज की स्थिति
विवेक के पिता जो एक बैंक में कार्य करते थे उनका निधन हो चुका है। विवेक के दो भाई हैं, एक सूरत में नौकरी करता है और दूसरा सुल्तानपुर में रहता है। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी नगर निगम में ओएसडी के पद पर कार्यरत हैं। यह नौकरी उन्हें सरकार ने वारदात के 4 दिन बाद मुआवजे के तौर पर दी थी। विवेक की दो बेटियां, शिवि और रानू अब महानगर के सिटी मोंटेसरी स्कूल में पढ़ती हैं। वो आज भी अपने पिता को याद करके रोती हैं क्योंकि खबरों की तरह वो भी कहीं खो गए हैं।
लेकिन विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने एसआईटी की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए संदीप के खिलाफ याचिका दायर कर दी थी। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए संदीप को 22 मार्च 2019 तक आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। फिलहाल दोनों दोषी धारा 302 और धारा 323 के तहत जेल में हैं।
विवेक के परिवार की आज की स्थिति
विवेक के पिता जो एक बैंक में कार्य करते थे उनका निधन हो चुका है। विवेक के दो भाई हैं, एक सूरत में नौकरी करता है और दूसरा सुल्तानपुर में रहता है। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी नगर निगम में ओएसडी के पद पर कार्यरत हैं। यह नौकरी उन्हें सरकार ने वारदात के 4 दिन बाद मुआवजे के तौर पर दी थी। विवेक की दो बेटियां, शिवि और रानू अब महानगर के सिटी मोंटेसरी स्कूल में पढ़ती हैं। वो आज भी अपने पिता को याद करके रोती हैं क्योंकि खबरों की तरह वो भी कहीं खो गए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन