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पुस्तकालय ममें जाकर बच्चे पढ़ें ऐसा माहााल बनाएं
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किताबों से ज्यादा बच्चों की मोबाइल में रुचि चिंताजनक
राजभवन में आयोजित ‘पढ़े लखनऊ’ अभियान की उच्च स्तरीय बैठक में बोलीं राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों में पुस्तक न पढ़ने और पुस्तकालय न जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। शुक्रवार को राजभवन में आयोजित पढ़े लखनऊ अभियान की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने उच्च शिक्षा, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा के अधिकारियों को बच्चों को अधिक संस्कारवान व चरित्रवान बनाने के लिए शिक्षा में बदलाव लाने की सीख दी। उन्होंने बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति को जागृत करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। उनमें प्रतिभा की कमी नहीं है। बस अवसर प्रदान करने की देर है। उन्होंने अधिकारियों से एक समिति का गठन करने और शैक्षिक कैलेंडर बनाने की सिफारिश की, जिसमें कक्षा आठ से 12 तक के छात्र व विवि और कॉलेजों के छात्रों के पढ़ने के लिए सेशन हों, जिसमें वे अपनी रुचि के आधार पर पुस्तक का चयन करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले यह कार्य पढ़ लखनऊ अभियान के अंतर्गत शुरू किया जाएगा बाद में इसे विस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एक परिवार गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी की 10 हजार बायोग्राफी भेंट स्वरूप देना चाहता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सामान्य ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने वाली पुस्तकों को भी इसमें सम्मिलित किया जाए और पुस्तकालय के समय में परिवर्तन करके ऐसा समय निर्धारित करें कि कॉलेज से लौटने के बाद छात्रों को पढ़ने का लाभ मिल सके। इस अवसर पर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमंत राव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा आरके तिवारी, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा विभाग अमित मोहन, सचिव चिकित्सा शिक्षा मुकेश मेश्राम समेत कई मौजूद रहे।
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राजभवन में आयोजित ‘पढ़े लखनऊ’ अभियान की उच्च स्तरीय बैठक में बोलीं राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों में पुस्तक न पढ़ने और पुस्तकालय न जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। शुक्रवार को राजभवन में आयोजित पढ़े लखनऊ अभियान की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने उच्च शिक्षा, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा के अधिकारियों को बच्चों को अधिक संस्कारवान व चरित्रवान बनाने के लिए शिक्षा में बदलाव लाने की सीख दी। उन्होंने बच्चों में पढ़ने की प्रवृत्ति को जागृत करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। उनमें प्रतिभा की कमी नहीं है। बस अवसर प्रदान करने की देर है। उन्होंने अधिकारियों से एक समिति का गठन करने और शैक्षिक कैलेंडर बनाने की सिफारिश की, जिसमें कक्षा आठ से 12 तक के छात्र व विवि और कॉलेजों के छात्रों के पढ़ने के लिए सेशन हों, जिसमें वे अपनी रुचि के आधार पर पुस्तक का चयन करें। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले यह कार्य पढ़ लखनऊ अभियान के अंतर्गत शुरू किया जाएगा बाद में इसे विस्तारित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि एक परिवार गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी की 10 हजार बायोग्राफी भेंट स्वरूप देना चाहता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सामान्य ज्ञान और व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने वाली पुस्तकों को भी इसमें सम्मिलित किया जाए और पुस्तकालय के समय में परिवर्तन करके ऐसा समय निर्धारित करें कि कॉलेज से लौटने के बाद छात्रों को पढ़ने का लाभ मिल सके। इस अवसर पर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमंत राव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा आरके तिवारी, प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा विभाग अमित मोहन, सचिव चिकित्सा शिक्षा मुकेश मेश्राम समेत कई मौजूद रहे।
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