बिहार के कुख्यात अपहरणकर्ता लखनऊ में धरे गए
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बिहार के डॉक्टर पंकज गुप्ता और उनकी पत्नी शुभ्रा के नौ अपहरणकर्ताओं को बुधवार दोपहर गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 906 से दबोच लिया गया।
डॉक्टर दंपती का बिहार के कुख्यात अजय सिंह गैंग ने बीती एक मई को अपहरण किया था। बदमाशों ने दोनों को इसी फ्लैट में बंधक बनाकर रखा था।
मंगलवार रात फिरौती वसूलने के बाद अपहरणकर्ताओं ने दोनों को छोड़ दिया। बुधवार दोपहर डॉक्टर और उनकी पत्नी के घर पहुंचते ही एसटीएफ, बिहार व राजधानी पुलिस की संयुक्त टीम ने अपार्टमेंट की घेराबंदी कर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
फ्लैट से भारी मात्रा में असलहे, पुलिस व सेना की वर्दी, लाल-नीली-पीली बत्तियां, फर्जी नंबर प्लेटें और नशे की गोलियां व इंजेक्शन मिले हैं। डीजीपी एके जैन ने शारदा अपार्टमेंट पहुंचकर एसटीएफ और पुलिस टीम की पीठ ठोंकी।
डीजीपी ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में बिहार का कुख्यात अपहरणकर्ता अजय सिंह और उसके साथी हैं।
डीजीपी के अनुसार कि डॉक्टर और उनकी पत्नी के अपहरण के बाद बदमाशों की राजधानी में मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। बिहार पुलिस के संपर्क करने पर उन्होंने एसटीएफ को इस टास्क पर लगाया था।
इस तरह हुई बदमाशों की गिरफ्तारी
गोमतीनगर इलाके में होने का पता चला था। डीजीपी ने बताया कि मंगलवार रात दो बजे तक एसटीएफ और राजधानी की पुलिस टीम बिहार पुलिस के एक अधिकारी के साथ गोमतीनगर विस्तार की खाक छानती रही।
बुधवार दोपहर करीब पौने तीन बजे पुलिस ने शारदा अपार्टमेंट के आरजी टॉवर स्थित फ्लैट नंबर 906 की घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम मौका पाकर फ्लैट के भीतर घुस गई। इससे पहले कि बदमाश कुछ समझ पाते, उन्हें दबोच लिया गया।
डीजीपी ने बताया कि फ्लैट से अजय के अलावा अमित सिंह, सुनील सिंह, सरवन, राहुल उर्फ बिट्टू, विजय, मृत्युंजय सिंह उर्फ बबलू, अनिल और अमित को गिरफ्तार किया गया है। सभी बदमाश बिहार के रहने वाले हैं और मुख्य रूप से किडनैपिंग करते हैं।
उन्होंने बताया कि अजय ने बिहार के अलावा राजस्थान और कोलकाता में चार बड़े अपहरण करके करोड़ों रुपयों की फिरौती वसूली है। डॉक्टर और उनकी पत्नी को छोड़ने के बदले कितनी फिरौती वसूली गई?
यह जानकारी किसी अफसर ने नहीं दी है। आईजी एसटीएफ सुजीत पांडे ने बताया कि बदमाशों से पूछताछ के बाद फिरौती की रकम व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि कई बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।
शादी से लौटते वक्त किया था अपहरण
बिहार के गया निवासी डॉक्टर पंकज गुप्ता अपनी पत्नी शुभ्रा के साथ एक रिश्तेदार की शादी में झारखंड के गिरडीह गए थे। एक मई को दोनों ऑडी कार से लौट रहे थे तभी रोहतास और गया के बीच बाराचट्टी इलाके से कार सहित उनका अपहरण कर लिया गया। उस वक्त दोपहर का लगभग 12 बजा था और डॉक्टर गया पहुंचने ही वाले थे।
अपहरण से चंद मिनट पहले ही उन्होंने अपने कंपाउंडर को फोन कर मरीजों का नंबर लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डॉक्टर का फोन स्विच ऑफ हो गया। कंपाउंडर और परिवारीजनों ने कई बार फोन मिलाया लेकिन मोबाइल बंद बताता रहा।
शाम छह बजे तक डॉक्टर और उनकी पत्नी का कुछ पता न लगने पर उनके अपहरण की आशंका जताते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
वाराणसी के टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में दिखी थी कारें
आईजी एसटीएफ ने बताया कि बिहार से अपहरण के बाद बदमाश सीधे यूपी की तरफ भागे। वाराणसी के टोल प्लाजा पर बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज दिख गई थी।
इस फुटेज के बाद उनकी लोकेशन पता लगाने में कोई समस्या नहीं आई। इस बीच बदमाशों ने डॉक्टर के परिवारीजनों से संपर्क किया जिससे उनके मोबाइल फोन के लोकेशन भी मिलते रहे।
एमपी से कार उड़ाई, जयपुर से किडनैप किया और हरियाणा में फिरौती वसूली
अजय सिंह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। उसने पुलिस की कमियों का पूरा फायदा उठाया। कई बार वह सिर्फ इसलिए नहीं पकड़ा गया क्योंकि विभिन्न प्रदेशों की पुलिस का आपस में तालमेल नहीं था। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि अजय सिंह अपहरण के लिए हमेशा चोरी की कार का इस्तेमाल करता था।
वर्ष 2006 में उसने जयपुर के प्रतिष्ठित दुर्लभजी ज्वैलर्स की सुमेधा दुर्लभजी का अपहरण किया था। इस अपहरण के लिए उसने मध्य प्रदेश से कार चोरी की थी। इसी कार में सुमेधा को लेकर अजय सिंह हरियाणा पहुंचा और वही से सुमेधा को छोड़ने के एवज में ढाई करोड़ रुपये फिरौती वसूली।
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इस अपहरण कांड में अजय को गिरफ्तार किया गया था। यह भी चर्चा है कि अजय को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह बाहर कैसे आ गया? पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
एसटीएफ अफसरों ने बताया कि बीती जनवरी को उसने बिहार से ही एक साथ तीन लोगों का अपहरण कर फिरौती में मोटी रकम वसूली थी। कोलकाता में भी उसने एक कारोबारी का अपहरण किया था। डीजीपी एके जैन का कहना है कि उसने कई प्रदेशों में अपहरण करके करोड़ों रुपये फिरौती वसूली लेकिन एक-दो बार ही पकड़ा गया।