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अब अगले साल ही बजेगा बैंड, गूंजेगी शहनाई
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
Updated Thu, 12 Dec 2013 02:09 AM IST
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उसके बाद 16 दिसंबर से खरमास के चलते बैंड बाजा बारात का शोर थम जाएगा। क्योंकि 16 दिसंबर को ग्रहों की चाल के चलते सूर्य धनु राशि पर जा रहे हैं, ऐसे में खरमास शुरू हो जाएगा।
खरमास शुरू होने के बाद से अगले लगभग एक महीने तक विवाह आदि कार्य एक बार फिर रुक जाएंगे। अब जिनकी शादी इस सहालग में नहीं हो पाई है, घोड़ी पर चढ़ने के लिए उन्हें 2014 का इंतजार करना पड़ेगा।
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नये साल में वर्तमान संवत्सर में लोगों को 38 सहालगें मिलेंगी। आचार्य प्रदीप ने बताया कि 16 दिसंबर से सूर्य की गति में बदलाव आ रहा है। सूर्य धनु राशि में जा रहे हैं। सूर्य सुबह 11:23 बजे के बाद वे धनुराशि में प्रवेश कर जाएगा।
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‘धनु राशौ रवि...’ जाने के साथ ही खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य एक माह तक धनु राशि में रहेगा, मकर राशि पर आने से पहले इस दौरान शादी, विवाह का कोई मूहूर्त नहीं है। शादियां रुकी रहेंगी।
शहनाई के लिये अब अगला मुहूर्त नये साल यानि की जनवरी 2014 में ही मिलेगा। खरमास शुरू होने के पहले दिसंबर महीने में अभी 12 और 15 दिसंबर की उत्तम लग्न हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में चालू हिंदू संवत्सर में 18 जनवरी से 14 मार्च तक लगभग 38 उत्तम मुहूर्त हैं। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को शाम 7:09 बजे से सूर्य मकर राशि में आ जाएगा।
सूर्य के मकर राशि में आते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। सूर्य भी उत्तरायण हो जाएगा, शिशिर ऋतु भी शुरू हो जाएगी। पहली वैवाहिक लग्न 18 जनवरी से मिलेगी।
जनवरी-फरवरी के मुहूर्त के लिए होड़
आचार्य कृष्णकांत ने बताया कि साल 2014 में लोकसभा चुनावों के चलते अभी से लोगों ने जनवरी-फरवरी के मुहूर्तों की डिमांड शुरू कर दी है।
उनके पास आने वाले तमाम जजमान अपने बेटे-बेटियों की शादियों के लिए जनवरी -फरवरी का मुहूर्त ही मांग रहे हैं। क्योंकि लोकसभा चुनावों के चलते मार्च-अप्रैल में लागू होने वाली आदर्श आचार संहिता से किसी पचड़े से दूर ही रहना चाहते हैं।
इंदिरानगर निवासी ब्रज नारायण ने बताया कि उनकी बेटे की शादी पूर्वांचल के एक संपन्न परिवार में अगले साल होनी है, भारी भरकम बारात यहां से ले जाने का इरादा है।
अगर चुनाव आचार संहिता लग गई तो कई पेंच फंस सकते हैं। इसीलिए उन्होंने पंडित जी से जनवरी-फरवरी के मुहूर्त की डिमांड की है।