खानपान: बास्केट चाट से लेकर वाजपेई की पूरी कचौड़ी के बिना अधूरा है स्वाद, नहीं भूल सकते दही बड़ों का स्वाद
लखनवी खानपान की बात हो और वाजपेई की पूरी कचौड़ी की बात न हो ऐसा हो नहीं सकता। जीपीओ वाले दही बड़े और बांबे पावभाजी यहां के खानपान को विशेष और अलग बनाते हैं।
विस्तार
लखनवी खानपान के दूसरे एपिसोड में आज हम आपको चाट के साथ-साथ मीठे और नमकीन तड़के से परिचय करवाएंगे जिसमें बास्केट चाट, जीपीओ के दही बड़े, बॉम्बे पाव भाजी और वाजपाई की कचौड़ी शामिल है तो यदि आप लखनऊ आ रहे हैं और आप चटोरे भी हैं तो इन चटपटी दुकानों पर आपका इस्तकबाल है।
बास्केट चाट: यूं हुई फेमस...
हजरतगंज में रॉयल कैफे की दुकान से चाट किंग के नाम से मशहूर हरदयाल मौर्य ने बताया कि जब यह चाट हमने बनाई तब हमें कुछ भी नहीं पता था। यह समझ लीजिए कि यह एक खूबसूरत सी गलती हो गई जो बास्केट चाट के नाम से प्रसिद्ध हो गई। शुरुआती दौर में मेरी दुकान पर दिग्गज पत्रकारों का जमावड़ा लगता था और उन्हीं पत्रकारों ने पहले पेज पर छाप छाप कर हमारी बास्केट चाट को फेमस कर दिया।
हमारी चाट बेहद स्वादिष्ट है साथ ही मेहमाननवाजी को लोग 100 में से 100 नंबर देते हैं। कन्हैयालाल अहूजा ने हलवासिया में 1992 में इसकी नींव डाली थी। धीरे-धीरे मेहनत और लोगों के प्यार से बास्केट चाट इतनी फेमस हो गई कि आज रोजाना कई सेलिब्रिटीज हमारी बास्केट चाट खाने आते हैं। इसमें विदेशी भी हैं।
कैसे बनती है या खास
बास्केट जाट के बारे में बताते हुए सैफ हरदयाल मौर्य ने बताया कि हम एक आलू की टोकरी में देसी घी की टिक्की, दही, भल्ला, पापड़ी, चाट मसाला, भुने हुए मसालों का मिश्रण, छोले, हरी चटनी, मीठी चटनी दही, भुना जीरा, लैया दाना, मूंगफली, धनिया, अनार के दाने, हाजमोला की विशेष चटनी के मिश्रण से प्यार और मेहनत का तड़का लगाते हैं तो बनती है लखनऊ की लजीज बास्केट चाट।
जीपीओ के दही बड़े
हजरतगंज स्थित भाजपा कार्यालय के ठीक सामने जीपीओ दही बड़ा के नाम से मशहूर दुकान लखनऊ आने वाले सैलानियों को खूब लुभाती है। दुकान के ओनर राघवेंद्र सिंह ने बताया के पिताजी सर्विस में होने के अलावा खाने-पीने के काफी शौकीन हुआ करते थे।
खानपान में अच्छी पकड़ होने के कारण उन्होंने खाने का ही कोई व्यवसाय शुरू करने की सोची और उन्होंने दही बड़ा बनाना शुरू किया। पिताजी की योग्यता, स्वाद और तरीका इतना लाजवाब रहा कि आज आने वाले सैलानियों में कोई भी हमारे दही बड़ों से अछूता नहीं है।
आज प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग हमारे यहां दही बड़ा खाने आते हैं और हमारे यहां दही बड़ा का मूल्य 70 रुपये है। शुरुआती दिनों में इसका मूल्य 10 रुपये हुआ करता था। हमारा दही बड़ा इसलिए स्वादिष्ट होता है क्योंकि हम इसमें अपने मसाले प्रयोग करते हैं।
बॉम्बे पाव भाजी... बेहतरीन स्वाद व शुद्धता है इसकी पहचान
हजरतगंज के शहनाजफ रोड पर बॉम्बे पाव भाजी के नाम से मशहूर पाव भाजी पर्यटकों को मुंबई के स्वाद से रूबरू करवाती है। मालिक राकेश शर्मा ने बताया मैं लखनऊ आया जाया करता था। मैंने खाने पीने की दुकानों पर यह महसूस किया कि यहां यदि लोगों को खाने में शुद्धता दी जाए तो यह बिजनेस अच्छा चल सकता है।
मुंबई की पाव भाजी का स्वाद देने के लिए मैंने पहले एक छोटी सी दुकान से शुरुआत की। धीरे-धीरे लोगों ने जब पावभाजी को सामने बनते देखा। शुद्धता व बेहतरीन स्वाद के चलते हमारा पावभाजी लोगों को आकर्षित करने लगा। हमारे कूटे हुए मसालों का मिश्रण विशेष होता है।
बाजपेई की पूड़ी कचौड़ी
1975 से हजरतगंज के नदन महल रोड पर बाजपाई कचौड़ी के नाम से मशहूर पूड़ी कचौड़ी की दुकान पर्यटकों को लजीज स्वाद के साथ यहां की तहज़ीब से भी परिचय करवाती है। यहां की पूड़ी कचौड़ी में भरी जाने वाली दाल पूरी को क्रंची बनाती है जिससे या बेहद स्वादिष्ट बनती है साथ ही पूड़ी कचौड़ी के साथ दी जाने वाली आलू की सब्जी और छोला पुदीना की चटनी और जगहों से यहां की पूड़ी कचौड़ी को खास बनाती है। पूड़ी कचौड़ी का मूल्य 40 रुपये प्रति प्लेट है।
पूड़ी कचौड़ी खाते आ रहे एक ग्राहक आनंद शुक्ला ने बताया कि यहां पूरी कचौड़ी के साथ दी जाने वाली सब्जी में मसालों का स्वाद इतना जबरदस्त है कि कोई भी एक बार खा ले तो वह बार-बार खाएगा।